
CJP Protest, NEET Paper Leak Row: नीट पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार संसद में चर्चा कराने की तैयारी में है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स से संपर्क कर रही है। सरकार ने विपक्ष से अपील की है कि वह इस्तीफे जैसी किसी शर्त के बिना चर्चा में हिस्सा ले।
सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही फ्लोर लीडर्स की बैठक भी बुला सकती है। इस बैठक में संसद में नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा की रूपरेखा और आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। सरकार का कहना है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर सदन में सार्थक चर्चा चाहती है।
सूत्रों का कहना है कि सरकार चाहती है कि इस मुद्दे पर संसद में खुलकर चर्चा हो। सरकार का मानना है कि छात्रों से जुड़े इतने बड़े मामले पर सभी दलों को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। इसी वजह से विपक्ष से कहा गया है कि वह इस्तीफे जैसी किसी शर्त के बिना चर्चा में शामिल हो ताकि सदन में इस मुद्दे पर आगे का रास्ता निकाला जा सके।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सरकार बुधवार दोपहर से अब तक चार बार बातचीत का प्रस्ताव भेज चुकी है, लेकिन संगठन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि छात्र चाहें तो बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर या सरकार के किसी अन्य कार्यालय में आकर बातचीत कर सकते हैं। बैठक में जेपी नड्डा और वह खुद मौजूद रहेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने पेपर लीक के मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मामले में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उधर, जंतर-मंतर पर CJP और छात्रों का आंदोलन लगातार 31वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं सीजेपी का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह बातचीत और संसद में चर्चा, दोनों के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।