
रोहिणी आचार्य (rohini acharya FB)
Rohini Acharya on Jamui Case: जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई बदसलूकी और मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर किए गए एक पोस्ट में जमुई मामले के आरोपी को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का 'असली चेला' बताया गया। इस पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने कई पोस्ट कर बीजेपी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पलटवार किया। रोहिणी ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिंदा जमीन में गाड़ देने की बात करने वाला किसका चेला था।
बीजेपी के आरोप पर पलटवार करते हुए रोहिणी आचार्य ने लिखा, "सात खून करने वाला किसका चेला था? नरेंद्र मोदी जी को जमीन में गाड़ देने की बात करने वाला किसका चेला था? और जमुई में घृणित मानसिकता वाले तीन चौधरी सरनेम वाले तो सम्राट चौधरी के रिश्तेदार हैं कि चेले हैं? हिम्मत है तो जवाब दें।"
रोहिणी ने आगे लिखा कि बीजेपी और एनडीए नेताओं की दलील के मुताबिक यदि यादव सरनेम वाले हर अपराधी का संबंध पूरी यादव जाति, लालू प्रसाद और उनकी पार्टी से है, तो जमुई के भगवा गमछाधारी तीन 'चौधरी' उपनाम वाले गुनहगारों का कनेक्शन किससे है। उन्होंने पूछा कि क्या वे तीनों मोदी जी को जिंदा जमीन में गाड़ने की धमकी देने वाले और सात खून के नरसंहारी के चेले और रिश्तेदार हैं।
रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि वास्तविक नाकामी छिपाने के लिए पिछली सरकारों पर दोष मढ़ने और जातीय भेदभाव भड़काने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "जातीय नैरेटिव की आड़ में मुंह छुपाने से सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती। ऐसे हथकंडों से न तो बिहार की मां-बहन-बेटियों पर अत्याचार रुकेगा और न ही पीड़िता को न्याय मिलेगा।"
रोहिणी ने सवाल उठाते हुए लिखा कि क्या सरकार किसी अपराधी के अपराध को उसकी जाति से जोड़कर अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ सकती है? क्या ऐसे कदमों से जमुई की पीड़िता को न्याय मिलेगा या ऐसी घटनाओं पर रोक लग पाएगी?
रोहिणी आचार्य ने देश भर के कई हाई प्रोफाइल मामलों का जिक्र करते हुए BJP पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के साथ यौन हिंसा करने वाले ऐसे लोगों की लिस्ट बहुत लंबी है जिनका BJP से संबंध है। रोहिणी ने कहा कि देश न तो चिन्मयानंद के गुनाहों को भूला है और न ही कुलदीप सेंगर, आसाराम, राम रहीम और प्रज्वल रेवन्ना जैसे लोगों के कारनामों को।
उन्होंने आगे कहा कि देश महिला पहलवानों के साथ हुए दुर्व्यवहार, अंकिता भंडारी मर्डर केस, कठुआ और हाथरस की घटनाओं, बिलकिस बानो मामले में दोषियों के स्वागत, पूर्व विधायक रामदुलार गोंड के मामले या मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड को भी नहीं भूला है।
रोहिणी आचार्य ने कहा कि 'बेटी बचाओ' का नारा केवल भाजपा वालों के भाषणों, चुनावी घोषणा पत्रों और पोस्टरों तक सिमट कर रह गया है। जब भी बहन-बेटियों के सम्मान पर आंच आई है, इंसाफ की हर कोशिश में सत्तापक्ष का नाजायज संरक्षण और दखल देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और आरोपियों को बचाने का खेल अब छिपने वाला नहीं है।
Updated on:
22 Sept 2026 06:42 pm
Published on:
22 Sept 2026 06:40 pm
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