
CJP Protest: नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली में प्रदर्शन जारी है। वहीं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे है। इसी बीच सोनम वांगचुक ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से 20 जुलाई को प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। सोनम वांगचुक का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- अखिलेश यादव और राहुल गांदी अगर 20 जुलाई को नहीं आए तो अच्छा नहीं होगा। क्योंकि यहां बात छात्रों के भविष्य की है, सबको आना चाहिए।
बता दें कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने ऐलान किया कि अगर सरकार उनके पास नहीं आती है तो वे सरकार के पास जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया है। इसी दिन संसद का अगला सत्र भी शुरू होने वाला है। इस मार्च में शामिल होने के लिए सोनम वांगचुक ने विपक्षी नेताओं से अपील की है।
वहीं सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 17वें दिन उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वांगचुक की सेहत को लेकर पोस्ट किया है।
उन्होंने लिखा कि उनका वजन अब तक 8.5 किलोग्राम घट चुका है और शरीर में मांसपेशियों का क्षय (मसल लॉस) शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि वांगचुक को काफी दर्द हो रहा है।
दिपके के मुताबिक, वांगचुक का ब्लड प्रेशर 109/70 mmHg दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की, लेकिन वांगचुक ने शांत स्वर में जवाब दिया, "मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए, सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही है।"
इससे पहले सोमवार को दिपके ने बताया था कि वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम कम हो चुका था। उस समय उनका ब्लड प्रेशर 107/70 mmHg और ब्लड ग्लूकोज स्तर 67 दर्ज किया गया था।
दिपके ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस आंदोलन को अहम की लड़ाई न बनाया जाए क्योंकि इसमें लोगों की जान दांव पर लगी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन सिर्फ जवाबदेही और न्याय की मांग कर रहा है। उनके मुताबिक, गलती स्वीकार करना कमजोरी नहीं बल्कि परिपक्वता और जवाबदेही का संकेत है।
सोनम वांगचुक और CJP के आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का समर्थन मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनका आंदोलन देश के युवाओं को न्याय की लड़ाई में एकजुट कर चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार भले उनकी चिंता न करे, लेकिन देश के लोगों के लिए उनकी जिंदगी बेहद महत्वपूर्ण है।
वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी ने किया, सोमवार को धरना स्थल पहुंचा और आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई।
इसके अलावा CPI(M) सांसद अमरा राम तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी प्रदर्शन स्थल का दौरा कर आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च में भी अपना समर्थन देने की घोषणा की।