
CJP Protest Latest Update: दिल्ली में हुए सीजेपी प्रदर्शन के दौरान घायल 25 वर्षीय इरशाद शेख ने अब जाकर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने उस दिन की भयावह घटना के बारे में बताया है, जिस दिन उनके साथ हादसा हुआ था। उन्होंने कहा कि RAF यानी की रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने बेहद करीब से उनके चेहरे की ओर पैलेट गन तानकर गोली चला दी। इस हमले में उनके चेहरे, गर्दन और शरीर के ऊपरी हिस्से में कई छर्रे धंस गए। सर्जरी के बाद अब उनकी हालत बेहतर है। लेकिन उनका कहना है कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने का कोई पछतावा नहीं है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले इरशाद शेख पिछले दो साल से दिल्ली-एनसीआर में रह रहे हैं। वह गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब 20 दिनों से CJP के प्रदर्शन में शामिल हो रहे थे। 20 जुलाई को भी वह 'संसद चलो' मार्च में शामिल होने पहुंचे थे।
आपबीती सुनाते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआत में माहौल शांत था। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे थे। लेकिन कुछ देर बाद सुरक्षाबलों ने लोगों को पीछे धकेलना शुरू कर दिया। इसके बाद लाठीचार्ज हुआ। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। धुएं की वजह से उनकी आंखों में तेज जलन होने लगी। कुछ समय के लिए उन्हें कुछ दिखाई भी नहीं दिया।
इरशाद ने आगे बताया कि जब हालात बिगड़ रहे थे, तब उन्होंने सुरक्षाबलों से अपील की कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग न किया जाए। उनका कहना है कि उन्होंने कहा था- हम छात्र हैं, इस देश के नागरिक हैं। हमें मत मारिए।
इसी दौरान उन्होंने नीली वर्दी में एक RAF जवान को हथियार लिए देखा। पहले उन्हें लगा कि जवान सिर्फ डराने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अगले ही पल उसने बंदूक उनके चेहरे की ओर तानकर गोली चला दी। फिर वह जमीन पर गिर गए।
उन्होंने बताया कि छर्रे उनकी भौंह, आंख के आसपास, गाल, नाक, ठुड्डी, गर्दन, कंधे और छाती में लगे। पहले तेज जलन हुई। फिर जब उन्होंने चेहरा छुआ तो हाथ खून से भर गया। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने उनकी मदद की। किसी ने कपड़ा बांधा और स्कूटर से उन्हें लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों को शरीर के कई हिस्सों में छर्रे मिले। एक छर्रा आंख की मांसपेशी के पास था। दूसरा गर्दन की नस के करीब मिला। डॉक्टरों ने सर्जरी कर छर्रों को निकाला। उनकी आंख और गर्दन पर टांके लगाए गए। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी आंख सुरक्षित है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं।
इरशाद ने बताया कि अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा उनसे मिलने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि वह वहां संयोग से नहीं, बल्कि अपने विश्वास के कारण प्रदर्शन में शामिल हुए थे। अब डिस्चार्ज होने के बाद इरशाद अपने घर जबलपुर लौटकर परिवार के साथ कुछ समय बिताना चाहते हैं। हालांकि, उनका कहना है कि इस घटना के बावजूद उन्हें अपने फैसले पर कोई अफसोस नहीं है।