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BRICS Summit: 200 कंपनियां अर्धसैनिक बल तैनात, सोशल मीडिया पर भी नजर, दिल्ली छावनी में तब्दील

BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले भारत मंडपम की सुरक्षा चाक-चौबंद। दिल्ली पुलिस के 15,000 जवान और 200 कंपनियां तैनात, 16 राष्ट्राध्यक्षों के आगमन की तैयारी। जानें पूरी सुरक्षा व्यवस्था।
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BRICS Summit 2026

BRICS Summit के लिए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, फोटो सोर्स- ANI

BRICS Summit 2026: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 12 व 13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। विदेशी मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी समारोह में शिरकत करने के लिए पहुंच गए हैं। वहीं, अन्य मेहमानों के आने का सिलसिला भी जारी है। इसे लेकर भारत मंडपम की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस उच्च-स्तरीय आयोजन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए तैनाती, निगरानी और तैयारियों को बढ़ा दिया है।

ANI संग बातचीत में नई दिल्ली के डिप्टी कमीश्नर ऑफ पुलिस सचिन शर्मा ने बताया कि तैयारियों के तहत नई दिल्ली के अलग-अलग सेक्टर जोन में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं, कई जगह मॉक ड्रिल भी आयोजित किए गए हैं। सचिन शर्मा ने कहा कि नई दिल्ली के अलग-अलग सेक्टर जोन में पुलिस तैनात की गई है। ड्रिल आयोजित की गई हैं। सीसीटीवी की निगरानी की जा रही है। एजेंसियों के साथ बैठकें हुई हैं।

भारत चौथी बार कर रहा ब्रिक्स की अध्यक्षता

भारत चौथी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। इस साल का थीम "बिल्डिंग फॉर रेजिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी" है। यह थीम मौजूदा उपलब्धियों और संस्थागत प्रभावशीलता को मजबूत करने पर भारत के फोकस को दर्शाती है।

दिल्ली पुलिस के 15000 और अर्ध सैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात

इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के नेताओं और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी शामिल होंगे। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने करीब 15,000 जवानों और अर्धसैनिक बलों की लगभग 200 कंपनियों को तैनात किया है। रास्ते की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।

16 राष्ट्राध्यक्षों के आने की उम्मीद

स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (सिक्योरिटी) मनीष अग्रवाल ने बताया कि शिखर सम्मेलन में करीब 16 राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें कई ऐसे नेता भी शामिल हैं। जिन्हें उच्च-स्तरीय सुरक्षा की जरूरत है।

मनीष अग्रवाल ने कहा कि हमने निर्धारित रूट को सैनिटाइज कर दिया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस भी मार्गों पर नजर रखेगी। ट्रैफिक पुलिस ने दिल्लीवासियों से उन रास्तों से बचने की सलाह दी है, जो आगामी दो दिन बाधित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि समय और तारीखों से जुड़ी जानकारी भी जारी कर दी गई है।

सोशल मीडिया पर हर गतिविधि की नजर रख रहे

मनीष अग्रवाल ने बताया कि पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित अचानक होने वाले प्रदर्शनों पर भी बारीकी से नजर रख रही है, और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक योजनाओं का पूर्वाभ्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि हम सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क हैं, लेकिन मेजबान देश होने के नाते यह भी हमारी जिम्मेदारी है कि हमारे मेहमानों को किसी तरह की असहजता न हो और दिल्ली में या उसके आसपास ऐसा कुछ न हो जिससे हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी उठानी पड़े।