
CJP: दिल्ली में सीजेपी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत को लेकर मामला फिर चर्चा में है। दिल्ली पुलिस ने अदालत में दोनों की हिरासत बढ़ाने की मांग की है। इस बीच, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दोनों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दूसरों के अधिकारों और बेहतर समाज की उम्मीद में अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़ने का फैसला किया। सौरव दास और आशुतोष रांका को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के समक्ष पेश किया गया। पुलिस की ओर से हिरासत बढ़ाने की मांग की गई है।
अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका के पुराने जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों के पास सफल करियर और आर्थिक सुरक्षा थी। उनके मुताबिक, आशुतोष रांका लंदन में अच्छी कॉर्पोरेट नौकरी करते थे, जबकि सौरव दास देश की कानूनी व्यवस्था से जुड़े विषयों पर लिखते थे। दीपके ने कहा कि दोनों के पास अपनी जिंदगी पहले की तरह जारी रखने के पर्याप्त कारण थे, लेकिन उन्होंने देश को बेहतर बनाने की उम्मीद में अलग रास्ता चुना। उनके मुताबिक, दोनों ने आरामदायक जिंदगी छोड़कर लोगों के बीच काम करने और अनिश्चितताओं का सामना करने का फैसला किया।
अभिजीत दीपके ने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने उन लोगों के लिए आवाज उठाने का फैसला किया, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से कम सुविधासंपन्न हैं। उन्होंने कहा कि दोनों चाहते तो अपने करियर और निजी जिंदगी पर ध्यान दे सकते थे, लेकिन उन्होंने दूसरों के संघर्षों को भी अहमियत दी।दीपके के मुताबिक, किसी ऐसे व्यक्ति के लिए खड़ा होना जिसे आप व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते, और ऐसी लड़ाई लड़ना जिसका सीधा संबंध आपकी अपनी जिंदगी से नहीं है, अपने आप में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सौरव और आशुतोष को ऐसे लोगों के रूप में पेश किया जो दूसरों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए जोखिम उठाने को तैयार रहे हैं। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर भावुक पोस्ट किया है।