IDFC Bank Fraud Case: विधानसभा में सोमवार को यह मुद्दा उठने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक-एक पैसा वापस लाया जाएगा और चाहे बैंक कर्मचारी हो या सरकारी अधिकारी किसी को बख्शेंगे नहीं, सख्त कार्रवाई होगी।
Haryana Government Accounts Freeze: आइडीएफसी बैंक में हरियाणा सरकार के खाते से धोखाधड़ी कर 590 करोड़ रुपए निकाले जाने का घोटाला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने आइडीएफसी और एयू स्माल बैंक में सरकारी विभागों व निगमों के खाते खोलने पर बैन (डी-पैनल) लगा दिया है।
हरियाणा के वित्त विभाग ने परिपत्र जारी कर कहा है कि अगली सूचना तक इन बैंकों में कोई भी सरकारी राशि न जमा की जाएगी, न निवेश होगी और न ही कोई लेन-देन किया जाएगा। सभी विभागों व निगमाें को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने खाते बंद कर शेष राशि तुरंत अन्य बैंकों में स्थानांतरित करें। गत तीन-चार दिन की जांच के बाद राज्य सरकार को पता चला था कि आइडीएफसी बैंक की चंडीगढ़ शाखा में उसके खाते से 590 करोड़ रुपए निकाल लिए गए। बैंक ने भी यह मामला सामने आने के बाद चार कर्मचारियों को निलंबित किया है और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के साथ सेबी को इसकी जानकारी दी है।
विधानसभा में सोमवार को यह मुद्दा उठने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक-एक पैसा वापस लाया जाएगा और चाहे बैंक कर्मचारी हो या सरकारी अधिकारी किसी को बख्शेंगे नहीं, सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने इस मामले में एसीबी और विजिलेंस जांच के आदेश दिए। उधर, एयू बैंक ने राज्य सरकार द्वारा डी-पैनल करने के बाद कहा कि उनके खातों में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। सभी खाते केवाईसी करने के बाद खोले गए और सभी खातों का मनी ट्रेल उनके पास उपलब्ध है जो सरकार को दे दिए गए हैं।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वह मामले पर नजर रखे हुए हैं और कोई प्रणालीगत समस्या नहीं है। इस बीच सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ आइडीएफसी बैंक के टॉप मैनेजमेंट की बातचीत में बैंक ने कहा कि वह एक-दो दिन में ही सरकार को पूरा बकाया पैसा लौटा देगा।