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जिसको CM नीतीश कुमार ने सौंपा इस्तीफा, वही हो गए भावुक, बोले- पूरे राज्य के लिए शोक का क्षण

बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह सोमवार को भावुक हो गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के MLC पद से इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक नेता का जाना नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए दुख का पल है।
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Mar 30, 2026
Nitish Kumar MLC Resignation
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्य सभा सदस्य की शपथ ली। (फ़ाइल फोटो

बिहार में सोमवार का दिन कुछ अलग रहा। विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, जो आमतौर पर संयत और औपचारिक रहते हैं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के MLC पद से इस्तीफे की बात करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक नेता का जाना नहीं है, पूरे बिहार के लिए यह एक दुख का पल है।

सुबह मुलाकात हुई, दोपहर में इस्तीफा आ गया

अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि दिन में पहले उनकी नीतीश कुमार से मुलाकात हुई थी। मुख्यमंत्री ने खुद उन्हें अपने फैसले के बारे में बता दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही नीतीश के प्रतिनिधि और एमएलसी संजय गांधी परिषद पहुंचे और इस्तीफे का पत्र सौंप दिया।

अध्यक्ष ने बताया कि इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और सीट खाली घोषित करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। संसदीय कार्य मंत्री को भी इस संबंध में बुलाया गया है।

ऐसे नेता फिर नहीं आते

अध्यक्ष ने नीतीश कुमार के साथ अपने लंबे साथ को याद करते हुए कहा कि वो बेहद शांत और धैर्यवान नेता हैं। उनकी भावनाएं बाहर से नहीं दिखतीं लेकिन हर फैसले में गहरी सोच होती है। ऐसे नेता के जाने से जो जगह खाली होगी वो आसानी से नहीं भरेगी।

बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी यही बात कही। उन्होंने नीतीश के जाने को बिहार की राजनीति के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया और कहा कि राज्य में शायद ही कोई ऐसा होगा जो उन्हें जाते देखना चाहे।

सदन में उनकी कुर्सी खाली दिखेगी

ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी की बात और भी दिल को छू गई। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जब चाहते तो सख्त होते थे, जब जरूरत होती तो मार्गदर्शन देते थे और मंत्रियों को आगे बढ़ाते थे। यह सब अब नहीं रहेगा और सदन में उनकी कमी साफ नजर आएगी।

बिहार की विधायी राजनीति से विदाई, दिल्ली की तरफ रुख

नीतीश कुमार अब राज्यसभा की तरफ बढ़ रहे हैं। इसका मतलब यह है कि बिहार की विधायी राजनीति में उनका जो लंबा अध्याय था वो अब बंद हो रहा है। दशकों तक बिहार की सड़कों, बिजली, पानी और कानून-व्यवस्था की बात करने वाले नीतीश अब राष्ट्रीय मंच पर जाएंगे।

जो नेता बिहार को जंगलराज से निकालकर एक विकसित राज्य की पहचान दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका में रहा, उसकी राज्य की राजनीति से विदाई आसान नहीं थी और सोमवार को यह साफ दिख गया।

Updated on:
30 Mar 2026 05:47 pm
Published on:
30 Mar 2026 05:47 pm