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Nitish Kumar Hijab Controversy: CM नीतीश के हिजाब खींचने पर गुस्साई पाकिस्तानी मीडिया, भारत सरकार से की ये मांग

Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक वायरल वीडियो ने भारत ही नहीं, पाकिस्तान में भी तीखी प्रतिक्रिया शुरू कर दी है। पाकिस्तानी अख़बार समेत HRCP ने इस घटना की निंदा करते हुए जांच की मांग की है।

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Dec 17, 2025
Nitish Kumar Hijab Controversy
सीएम नीतीश कुमार (Video Screenshot)

CM Nitish Viral Video: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। मंगलवार को सामने आए एक वायरल वीडियो (Viral Video) को लेकर न केवल भारत में, बल्कि पाकिस्तान (Pakistan) में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। पाकिस्तानी अख़बार डॉन (Dawn) ने इस घटना को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए लिखा है कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के सोशल मीडिया यूजर्स नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

पटना में आयोजित एक सरकारी दीक्षांत समारोह के दौरान नीतीश कुमार ने मंच पर मौजूद एक महिला डॉक्टर नुसरत परवीन के चेहरे से हिजाब खींच दिया। नुसरत परवीन मंच पर प्रमाणपत्र लेने पहुंचीं, मुख्यमंत्री ने उन्हें हिजाब हटाने का इशारा किया। इससे पहले कि महिला कहती, नीतीश कुमार ने खुद हाथ बढ़ाकर उनका हिजाब खींच दिया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

देश-विदेश में गुस्साए लोग

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नीतीश कुमार महिला डॉक्टर को प्रमाणपत्र देते समय उनके चेहरे से नकाब हटाने की कोशिश करते हैं। इस घटना के बाद नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उनसे सार्वजनिक माफी और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे महिलाओं की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

पाकिस्तानी अख़बार डॉन ने क्या लिखा?

डॉन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि यह घटना न केवल भारत में बल्कि पाकिस्तान में भी गुस्से का कारण बनी है। अख़बार के अनुसार, कई पाकिस्तानी यूजर्स का मानना है कि इस तरह की घटनाएं भारत में मुस्लिम महिलाओं के साथ होने वाले अपमान को सामान्य बनाने की कोशिश को दर्शाती हैं।

HRCP की तीखी प्रतिक्रिया

इस मामले पर पाकिस्तान मानवाधिकार परिषद और मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने भी कड़ी निंदा की है। परिषद ने वीडियो साझा करते हुए कहा “यह घटना केवल एक महिला का अपमान नहीं है, बल्कि यह मानवीय गरिमा, धार्मिक स्वतंत्रता, महिलाओं की व्यक्तिगत स्वायत्तता और मौलिक मानवाधिकारों पर सीधा हमला है। किसी भी सभ्य, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश में ऐसी हरकत अस्वीकार्य है।”

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठ सकता है मामला

HRCP ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस तरह की घटनाओं पर संज्ञान लेते हैं। आयोग ने भारत सरकार से मांग की है कि इस घटना की तत्काल, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। पीड़ित महिला से व्यक्तिगत और आधिकारिक रूप से माफी मांगी जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानूनी उपाय किए जाएं।

Updated on:
17 Dec 2025 12:46 pm
Published on:
17 Dec 2025 12:03 pm