
CMRL Exalogic case: केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पुलिस प्रमुख को चर्चित CMRL Exalogic पे-ऑफ मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और पूर्व मंत्री व उनके दामाद पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। जस्टिस ए बदरुद्दीन की अदालत ने शुक्रवार को केएम शाहजहां द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।
कोर्ट का यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता और वकील केएम शाहजहां की याचिका पर आया है। याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत सीधे केस दर्ज करने के बजाय क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम से शुरुआती जांच कराने का आदेश दिया गया था।
याचिकाकर्ता का आरोप था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो को जो सिफारिश भेजी थी, उस पर तुरंत कार्रवाई करने के बजाय राज्य सरकार ने मामले को टालने और दबाने के लिए पुलिस जांच का आदेश दिया। वहीं, राज्य सरकार का तर्क था कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज करने से पहले शुरुआती जांच जरूरी थी।
सुनवाई के दौरान, प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य सरकार के रुख का विरोध किया और तुरंत FIR दर्ज करने की वकालत की। ED ने कहा कि 'मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम' के तहत जांच में ऐसे वित्तीय लेन-देन के सबूत मिले हैं जो सीधे तौर पर संज्ञेय अपराधों की श्रेणी में आते हैं। जांच एजेंसी ने ये सबूत राज्य पुलिस प्रमुख के साथ साझा किए थे।
इसके अलावा, ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले का हवाला देते हुए ED के वकील ने तर्क दिया कि जब भी किसी संज्ञेय अपराध की जानकारी सामने आती है, तो FIR दर्ज करना कानूनी रूप से अनिवार्य हो जाता है। ऐसी स्थितियों में शुरुआती जांच का बहाना बनाकर कार्रवाई में देरी नहीं की जा सकती।
यह पूरा मामला निजी मिनरल कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) द्वारा एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस (वीना टी. की IT फर्म) को किए गए कथित बड़े भुगतान से जुड़ा है, जिसके बदले में कोई वास्तविक सेवा नहीं दी गई थी। राजनीतिक विरोधियों और जांच एजेंसियों का आरोप है कि ये भुगतान अनुचित लाभ और राजनीतिक संरक्षण के बदले किए गए थे।