राष्ट्रीय

जंतर-मंतर के बाद अब पुणे में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का हल्लाबोल, 11 जून को बड़े आंदोलन का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोमवार को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अब 11 जून को पुणे में प्रदशन होगा।

2 min read
Jun 08, 2026
Abhijeet Dipke
Abhijeet Dipke

Cockroach Janta Party Pune Protest: देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधली, नीट (NEET-UG) पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमिताओं को लेकर सोशल मीडिया से जमीनी स्तर पर उभरे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को एक बड़ा ऐलान किया है। अभिजीत दीपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब महाराष्ट्र के पुणे में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 11 जून को पुणे में युवाओं और छात्रों का विशाल मोर्चा निकाला जाएगा। इसके लिए सीजेपी ने तैयारियों शुरू कर दी है।

'जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, संघर्ष जारी रहेगा'

अमेरिका से लौटकर आंदोलन की कमान संभालने वाले अभिजीत दीपके ने पुणे में मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अभिजीत ने कहा कि दिल्ली का प्रदर्शन तो सिर्फ एक शुरुआत थी। इस सरकार ने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। नीट परीक्षा से लेकर सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम तक, हर जगह कमियां साफ दिख रही हैं। दीपके ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते और इस पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह आंदोलन देश के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह जारी रहेगा।

सोशल मीडिया पर पाबंदी और सरकार के डर पर साधा निशाना

इंटरनेट पर महज कुछ ही दिनों में 22 मिलियन (2.2 करोड़) से अधिक फॉलोअर्स जुटाने वाले इस आंदोलन के संस्थापक ने सरकार द्वारा उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को निशाना बनाए जाने के आरोपों पर भी बात की। दीपके ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को सुनने और पेपर लीक पर कार्रवाई करने के बजाय हमारे सोशल मीडिया पोस्ट्स को डिलीट करवाने और अकाउंट्स हैक कराने में अपनी ताकत लगा रही है। वे हमारे डिजिटल नैरेटिव को मिटा सकते हैं, लेकिन सड़कों पर उतरे लाखों युवाओं के गुस्से को कैसे दबाएंगे?

पुणे बनेगा छात्र आंदोलन का नया केंद्र

महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और शैक्षिक राजधानी कहे जाने वाले पुणे शहर को इस आंदोलन के अगले चरण के लिए चुनना बेहद रणनीतिक माना जा रहा है। यहां देश भर से आए लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। CJP के प्रवक्ताओं के अनुसार, 11 जून के इस आंदोलन में किसी भी राजनीतिक दल या संगठन का बैनर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, बल्कि यह पूरी तरह से आम छात्रों और युवाओं का एक गैर-राजनीतिक मंच होगा। दिल्ली पुलिस की भारी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बीच जैसे दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से 'गुलाब के फूल' देकर प्रदर्शन खत्म किया गया था, वैसी ही गांधीवादी और अनुशासित रणनीति पुणे में भी अपनाई जाएगी।

Published on:
08 Jun 2026 09:48 pm