
Congress AICC Reshuffle: कांग्रेस में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी चल रही है। पार्टी जल्दी ही AICC (ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी) के सचिवों में फेरबदल कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा सचिवों में से करीब 50 प्रतिशत को जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा सकता है और उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जाएगा।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और AICC महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने पिछले एक सप्ताह में करीब 130 संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए हैं। इन इंटरव्यू की शुरुआत 7 सितंबर से हुई थी।
इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूदा AICC सचिवों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान उनके अब तक के कामकाज और प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। सचिवों को उनके प्रदर्शन के आधार पर फीडबैक भी दिया जाएगा।
माना जा रहा है कि यह बैठक संगठन में होने वाले बड़े फेरबदल से पहले की अहम कवायद है। पार्टी करीब आधे मौजूदा सचिवों को उनके पद से हटाकर नए नेताओं को जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है।
रिपोर्ट में बताया गया कि सचिव पद के लिए संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू बैच में लिए गए। हर बैच में करीब 12 से 14 नेता शामिल थे। उम्मीदवारों के सामने उनके राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव से जुड़े विस्तृत सवाल रखे गए।
एक इंटरव्यू में शामिल नेता के मुताबिक, शुरुआत में उम्मीदवारों से करीब एक मिनट में अपना परिचय देने के लिए कहा गया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल ने संगठन में उनके काम, प्रदर्शन और जिम्मेदारियों से जुड़े सवाल पूछे।
उम्मीदवारों से यह भी पूछा गया कि उन्होंने अपनी भूमिका में क्या काम किया, किसी फैसले के पीछे उनकी क्या सोच थी, पार्टी के लिए उन्होंने किस तरह योगदान दिया और किन क्षेत्रों में वे बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके।
इंटरव्यू के दौरान नेताओं से कई काल्पनिक परिस्थितियों को लेकर भी सवाल किए गए। उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें ऐसे राज्य की जिम्मेदारी दी जाए, जहां कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा है या जहां जल्द चुनाव होने वाले हैं, तो वे संगठन को दोबारा कैसे मजबूत करेंगे।
साथ ही उम्मीदवारों से यह भी पूछा गया कि अगर उन्हें किसी खास राज्य का AICC सचिव बनाया जाता है तो वे वहां के स्थानीय राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों से किस तरह निपटेंगे।
इसके अलावा नेताओं से उनके अब तक के राजनीतिक सफर और करियर की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों के बारे में भी जानकारी मांगी गई।
इंटरव्यू में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ को लेकर भी उम्मीदवारों से सवाल किए गए। पार्टी देशभर में संगठन को नए सिरे से मजबूत और पुनर्गठित करने की प्रक्रिया में जुटी है।
उम्मीदवारों से पूछा गया कि संगठन में व्यापक बदलाव को लेकर उनका क्या नजरिया है और वे इस अभियान के तहत पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में किस तरह योगदान दे सकते हैं।
कांग्रेस में वर्तमान में करीब 64 AICC सचिव हैं। इनमें से ज्यादातर को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। ये नेता संबंधित राज्यों में AICC महासचिव या प्रभारी के साथ मिलकर प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के कामकाज की निगरानी और सहयोग करते हैं।
कुछ AICC सचिवों को दिल्ली में पार्टी के महत्वपूर्ण कार्यालयों और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा केसी वेणुगोपाल के कार्यालयों में भी जिम्मेदारियां दी गई हैं।
बताया जा रहा है कि करीब आधे मौजूदा सचिवों को जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने की संभावना है। हालांकि, इस प्रक्रिया में हाल ही में नई जिम्मेदारियां पाने वाले नेताओं और संगठन में प्रमोशन हासिल करने वाले नेताओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।
AICC के एक सूत्र के मुताबिक, करीब छह-सात नेताओं को पिछले कुछ हफ्तों में संगठन में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। ऐसे नेताओं को भी सचिव पद की मौजूदा जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है।
मंगलवार को होने वाली बैठक का औपचारिक एजेंडा अभी सचिवों को नहीं बताया गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि बैठक में उनके प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ पार्टी में प्रस्तावित संगठनात्मक फेरबदल पर भी चर्चा हो सकती है।