
CEC Gyanesh Kumar Resignation Demand: कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंहऔर कर्मवीर सिंह बौद्ध ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों का समर्थन किया है। दोनों सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सच्चाई अब देश की जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी पिछले 3 वर्षों से लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और अब चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सीईसी स्वयं इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार को उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध ने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों को तथ्यों पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
उन्होंने सत्ता पक्ष के नेताओं से भी संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की। कर्मवीर सिंह बौद्ध ने कहा कि यदि वे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान में विश्वास करते हैं और संविधान के कारण ही मंत्री, विधायक और सांसद बने हैं, तो उन्हें संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि भविष्य में संविधान कमजोर होता है तो इसका प्रभाव लोकतांत्रिक संस्थाओं और संसद पर भी पड़ेगा। उन्होंने ऐसे लोगों को बेनकाब करने की बात कही, जिन पर संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल पद छोड़ने की मांग दोहराई। साथ ही आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश इसी तरह चलता रहा तो स्थिति दोबारा गुलामी की ओर जा सकती है।
चुनाव आयोग की बैठक में तीनों चुनाव आयुक्तों के शामिल होने को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग और दूसरे संवैधानिक आयोग स्वतंत्र संस्थाएं हैं। उनके मुताबिक संविधान ने इन संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार दिया है और उन्हें किसी राजनीतिक दल या सरकार के अधीन काम नहीं करना चाहिए।
हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं ने अपनी स्वतंत्रता और नियम-कायदों को कमजोर कर दिया है। कांग्रेस सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं में ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों ने समय-समय पर अपनी आवाज उठाई, लेकिन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई।
उन्होंने पश्चिम बंगाल और हरियाणा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि SIR के नाम पर मतदाताओं के नाम हटाए गए और नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए।