
Congress CWC Meeting: कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के नेताओं से अहम मुद्दों और विषयों पर गंभीरता से विचार करने के साथ देश के सामने विकल्प, नीति और समाधान भी रखने की बात कही है। उन्होंने बैठक में कहा कि संसद सत्र के समापन के बाद हम लोग पहली बार मिल रहे हैं। कुछ बेहद ज्वलंत मुद्दों पर हमें आपस में चिंतन-मनन करना है। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी।
खरगे ने कहा कि आज हमारी सामूहिक चिंता का सबसे बड़ा बिंदु युवा हैं। आजादी के 80 साल हो गए, लेकिन कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थितियां बेहतर होने की जगह बदतर होती जा रही हैं। दुनिया का सबसे युवा देश भारत ही है और युवा हमारा भविष्य हैं। पर सरकार की गलत नीतियों ने हमारे युवाओं को भारी हताशा के दलदल में धकेल दिया है। सांप्रदायिक उन्माद और रेवड़ी कल्चर की होड़ में सबसे अधिक उपेक्षा युवाओं की शिक्षा और रोजगार की हुई है।
उन्होंने इस मौके पर कहा कि मैं दिवंगत राजीव गांधी का खासतौर पर स्मरण करना चाहूंगा। कल उनकी जयंती है। उन्होंने प्रचंड बहुमत की सरकार में रहते हुए अपनी नीतियों के केंद्र में नौजवानों को रखा था। राजीव गांधी ने युवाओं को बड़ी भूमिका मिले, इस इरादे से वोटिंग की उम्र 21 साल से घटाकर 18 साल की। देश के हर जिले में नवोदय विद्यालयों का नेटवर्क खड़ा किया। स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने का सिलसिला उसी दौरान आरंभ हुआ। उन्होंने व्यापक विचार-मंथन के बाद जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई, उसमें डिग्री के साथ रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को जोड़ा।
पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया है। नए स्कूल खुलने की जगह 94 हजार स्कूल हाल के वर्षों में बंद हो गए हैं। निजीकरण की होड़ में उच्च शिक्षा लगातार महंगी और आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। शिक्षा संस्थानों में RSS के लोगों का कब्जा होता जा रहा है।
इस हालात में भी जब पढ़-लिखकर युवा नौकरी की तलाश में निकलता है, तो पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में घोटाला और नियुक्तियों में देरी से उसका सामना होता है। इसमें सबसे बुरी हालत गरीब और कमजोर आर्थिक स्थिति वाले बच्चों की होती है।
उन्होंने कहा कि आम लोगों के भरोसे से जुड़ा दूसरा अहम सवाल राम मंदिर से जुड़ा है। राम मंदिर में हुए भारी घोटाले का मुद्दा जन-जन के बीच गूंज रहा है। आम लोगों ने यह सोचकर इसमें दिल खोलकर चंदा, सोना-चांदी दिया कि ट्रस्ट प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया है, इसलिए ईमानदारी से काम होगा। लेकिन वहां पर भारी घोटाला सामने आया है। लोग सवाल पूछ रहे हैं, पर PM मोदी लगातार मौन हैं।
साथियों, पिछले दिनों चीन द्वारा हमारी सीमा में अतिक्रमण से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आए हैं। सरकार को इस पर ईमानदारी से बात रखनी चाहिए थी, पर आदत के मुताबिक सरकार ने सूत्रों के पीछे छिपते हुए इन खबरों को गलत बताया है। हमारा स्पष्ट मत है- राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। पर राष्ट्रीय सुरक्षा की किसी भी स्तर पर अनदेखी भी नहीं होनी चाहिए। हमारे देश की सीमाओं की वास्तविक हकीकत क्या है, यह देश के नागरिकों को जानने का अधिकार है।