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IAS Tukaram Mundhe: तेज तर्रार IAS तुकाराम मुंढे का क्या राजस्थान हो गया ट्रांसफर? जानें वायरल दावों का असली सच

Tukaram Mundhe Transfer: आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के राजस्थान के सीकर ट्रांसफर की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। मुंढे ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि उनका ट्रांसफर नहीं हुआ है।
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IAS Tukaram Mundhe

आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे। फाइल फोटो- आईएएनएस

मुंबई। खाद्य मिलावट और नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों पर लगातार कार्रवाई को लेकर चर्चा में आए आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त मुंढे का 26वां ट्रांसफर राजस्थान के सीकर में कर दिया गया है। हालांकि मुंढे ने इस दावे को साफ तौर पर गलत बताया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान ट्रांसफर की खबर सही नहीं है।

25 बार हुआ ट्रांसफर

मुंढे का प्रशासनिक कार्यकाल अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाना जाता है। 21 साल की सेवा में उनका 25 बार ट्रांसफर हो चुका है। यही वजह है कि जब सोशल मीडिया पर उनकी अगली पोस्टिंग को लेकर पोस्ट सामने आई तो इसे लेकर चर्चा तेज हो गई। पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग सोशल मीडिया मंचों और मैसेजिंग समूहों में यह दावा किया जा रहा था कि उन्हें अब महाराष्ट्र से राजस्थान भेजा जा रहा है। इस मामले में एनडीटीवी प्रॉफिट ने जब उनसे राजस्थान भेजे जाने और 26वें ट्रांसफर से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि यह सच नहीं है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त

तुकाराम मुंढे इस समय महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त हैं। पद संभालने के बाद उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर जांच अभियान तेज किया है। कई खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई और नियमों में खामियां मिलने पर कार्रवाई की गई। दूध में मिलावट से लेकर होटल और खाद्य उत्पाद बनाने वाली इकाइयों में साफ-सफाई तक को जांच के दायरे में रखा गया। इस अभियान की जद में कई बड़े और चर्चित नाम भी आए।

3,100 से ज्यादा निरीक्षण

मुंढे ने बताया कि करीब दो महीने के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 3,100 से ज्यादा निरीक्षण किए। इस दौरान करीब 165 लाइसेंस निलंबित किए गए और 750 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। उनका कहना है कि विभाग का मकसद कारोबार बंद करना या ज्यादा से ज्यादा लाइसेंस निलंबित करना नहीं है। मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य कारोबार से जुड़े लोग तय सुरक्षा मानकों का पालन करें।

मुंढे ने उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाहर खाना खाते समय लोगों को सिर्फ स्वाद या कीमत नहीं देखनी चाहिए, बल्कि होटल और रेस्तरां की साफ-सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए। यह भी देखना चाहिए कि संबंधित प्रतिष्ठान के पास जरूरी लाइसेंस या पंजीकरण है या नहीं। उन्होंने खान-पान को लेकर भी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी।

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