
मुंबई। अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान को लेकर महाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी जारी है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पर्यावरण की बात करना गलत कैसे हो सकता है? यदि कोई पेड़ों की कटाई और प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धर्म पर हमला बताना कहां तक उचित है?
अतुल लोंढे पाटिल ने कहा कि भाजपा सत्ता में है और उसे महाराष्ट्र में भीषण सूखे की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। देश के कई हिस्सों में लोग प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं। कहीं सूखे की स्थिति है तो कहीं बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। ऐसे में भाजपा को सोचना चाहिए कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग दिवाली कैसे मनाएंगे।
लोंढे पाटिल ने दीया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान को लेकर उठे विवाद को भाजपा की संकीर्ण सोच करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों और आम लोगों की परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए, न कि पर्यावरण संरक्षण की बात करने वालों को निशाना बनाना चाहिए।
इस मामले में मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने कहा कि हिंदुओं को दिवाली कैसे मनानी चाहिए, यह सिखाने के लिए दीया मिर्जा की जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेत्री का विरोध केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका एजेंडा हिंदुत्व के खिलाफ है। रितु तावड़े ने कहा कि दीया मिर्जा की पिछली गतिविधियों और बयानों को देखें तो उन्होंने नर्मदा परियोजना और समान नागरिक संहिता (UCC) का भी विरोध किया है।
उन्होंने पर्यावरण संकट से निपटने के प्रयासों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों पर भी सवाल उठाए हैं। मुंबई की मेयर ने कहा कि हिंदुओं को अपना त्योहार कैसे मनाना है, यह अच्छी तरह पता है। इसके लिए किसी से सीख लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि दीया मिर्जा को अपने एजेंडे पर ध्यान देना चाहिए। तावड़े ने आरोप लगाया कि अभिनेत्री का विरोध लगातार हिंदुत्व के खिलाफ दिखाई देता है।