
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के बाद पार्टी महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि करीब ढाई घंटे चली CWC बैठक में चुनाव आयोग और चुनाव व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में 68 सदस्यों ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने राहुल गांधी को ‘वोट चोरी’ अभियान के जरिए चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए बधाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 18-19 महीनों से राहुल गांधी सबूतों के साथ चुनाव व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रहे हैं।
इस दौरान कांग्रेस नेता ने दावा किया कि ईवीएम और मतदाता सूची दोनों में गड़बड़ी की जा रही है और इनका इस्तेमाल चुनाव जीतने की रणनीति के तौर पर किया जा रहा है।
केसी वेणुगोपाल ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि उन्हें एक दिन भी अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आने वाले दिनों में उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध और तेज करेगी।
वेणुगोपाल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह प्रधान को लगता था कि वे लगातार अपने पद पर बने रह सकते हैं, उसी तरह ज्ञानेश कुमार को भी ऐसा लगता है, लेकिन आने वाले दिनों में उन्हें कांग्रेस के विरोध का स्तर समझ में आएगा।
CWC बैठक के बाद कांग्रेस ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को तत्काल रोकने और हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की। कांग्रेस का दावा है कि करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम चुनावी प्रक्रिया के दौरान हटाए गए हैं। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाने की कार्रवाई प्रधानमंत्री की सहमति के बिना नहीं हो सकती।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कल INDIA गठबंधन के दलों की एक बैठक है। कांग्रेस निश्चित रूप से चाहती है कि देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से इस तरह का व्यापक आंदोलन चलाया जाए। हमें उम्मीद है कि कल गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं से महत्वपूर्ण सुझाव मिलेंगे। इसके बाद हम सभी मिलकर भविष्य में होने वाले विरोध-प्रदर्शनों के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करेंगे।