congress kerala leadership: केरल सीएम पद को लेकर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि वेणुगोपाल ने हाईकमान पर दबाव डालकर फैसला प्रभावित करने की कोशिश की।
कांग्रेस में केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए नाम की घोषणा कर दी गई है। इस बीच, जनता दल (सेक्युलर) नेता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बड़ा दावा किया है।
उन्होंने खुलकर कहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन केसी वेणुगोपाल ने पार्टी हाईकमान के जरिए फैसले को प्रभावित करने की कोशिश की।
कुमारस्वामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा- कांग्रेस के कई कार्यकर्ता सतीशन जी को मुख्यमंत्री देखना चाहते थे। लेकिन हाईकमान के रास्ते वेणुगोपाल जी ने इस प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।
हालांकि उन्होंने आगे पार्टी के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह कांग्रेस के संगठनात्मक मुद्दों में दखल नहीं देना चाहते।
4 मई को विधानसभा चुनाव नतीजों के ऐलान के बाद यूडीएफ गठबंधन की शानदार वापसी हुई थी। इस जीत में वीडी सतीशन की अगुवाई अहम रही।
कांग्रेस ने आखिरकार उन्हें विधायक दल का नेता चुना और मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला भी इस पद की दौड़ में थे, लेकिन अंत में सतीशन के नाम पर मुहर लगी।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वीडी सतीशन ने कहा- मैं अपनी पार्टी और एआईसीसी लीडरशिप का आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं के समर्थन को भी सराहा।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी सतीशन को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा- वीडी सतीशन जी को केरल कांग्रेस विधायक दल का नेता और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार चुने जाने पर हार्दिक बधाई। यह उनकी मेहनत, समर्पण और पार्टी के प्रति लगन का सही सम्मान है। चुनाव प्रचार के दौरान उनके साथ मैं भी रहा और उनकी नियुक्ति से बहुत खुशी हुई है।'
थरूर ने यह भी कहा कि यूडीएफ की जीत पूरे गठबंधन की सामूहिक जीत है। अब सभी सीनियर नेता और सहयोगी पार्टियां मिलकर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरें।
सूत्रों के मुताबिक, केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर काफी चर्चा और लॉबी चल रही थी। वेणुगोपाल को हाईकमान का करीबी माना जाता है, जबकि सतीशन स्थानीय स्तर पर ज्यादा लोकप्रिय रहे।
कुमारस्वामी के बयान से यह साफ होता है कि पार्टी के अंदर भी राय एक नहीं थी। कुमारस्वामी ने हालांकि यह भी कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और वह इसमें ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। लेकिन उनका एक बयान ही काफी है कि केरल कांग्रेस में सब कुछ एकदम सहज नहीं चला।