
Congress Leader Praveen Chakravarty DMK A Raja: तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन सरकारों के भविष्य, परिसीमन और 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को लेकर कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। डीएमके नेता ए राजा द्वारा पार्टी प्रमुख स्टालिन से अकेले चुनाव लड़ने का आग्रह करने पर कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती का बयान सामने आया है। चक्रवर्ती ने कहा कि मुझे इस बयान का कोई विशेष अर्थ निकालने की आवश्यकता नहीं है। यह उनकी पार्टी का निर्णय है। वे अकेले चुनाव लड़ सकते हैं या गठबंधन में, जो चाहें कर सकते हैं।
प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि एक बात तो साफ है- तमिलनाडु में गठबंधन सरकारें बनेंगी और लोग इसे स्वीकार करेंगे। जैसा कि टीवीके-कांग्रेस सरकार ने दिखाया और साबित किया है। जब उनसे केंद्र सरकार द्वारा परिसीमन विधेयक को फिर से लाने की संभावना की खबरों के बारे में पूछा गया तो चक्रवर्ती ने कहा कि हम इसे परिसीमन विधेयक कहते हैं।
उन्होंने कहा कि अब भाजपा सरकार कई चीजें लाने की कोशिश कर रही है। वे इसे महिला आरक्षण विधेयक कहते हैं, लेकिन वे परिसीमन भी करना चाहते हैं। वे 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को भी लागू करना चाहते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हमारा रुख बिलकुल स्पष्ट है, डीएमके-कांग्रेस सरकार संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण का पूर्ण समर्थन करती है। लेकिन हम किसी भी ऐसी चीज के खिलाफ हैं जिससे तमिलनाडु की सीटों का हिस्सा कम हो या संसद में तमिलनाडु और उत्तरी राज्यों के बीच का अंतर बढ़े। अगर ऐसा होता है, तो हम इसका विरोध करेंगे। हम 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के भी खिलाफ हैं।
2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद देश के सियासी समीकरण बदल गए है। इसके साथ ही तमिलनाडु में थलापति विजय की एंट्री से कांग्रेस और डीएमके का पुराना गठबंधन टूट गया है। इसके साथ इंडिया गठबंधन से डीएमके का बाहर होना राहुल गांधी के लिए बड़ा झटका था। वहीं एमके स्टालिन ने परिसीमन विधेयक पर नया दांव चलाकर एनडीए की मुश्किले बढ़ा दी। इसी बीच डीएमके नेता ए राजा द्वारा अपनी पार्टी के प्रमुख स्टालिन से अकेले चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। अब इसको लेकर कांग्रेस ने अपनी राय रखी है।