
Gyanesh Kumar Resignation Demand:चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में खुलासे के बाद सियासी घमासान तेज है। इसी बीच कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने संकेत दिए है कि यदि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता है और सरकार उन्हें पद से नहीं हटाती है, तो विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से संसद में यह मुद्दा उठाते रहे हैं। हम भी लगातार संसद में इस आवाज को उठाते रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री या गृह मंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
उन्होंने कहा कि अब यह मामला भारत के हर नागरिक के संज्ञान में आ गया है। एक बार फिर राहुल गांधी मांग कर रहे हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को इस्तीफा देना चाहिए और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सरकार को उन्हें पद से हटाना होगा। अन्यथा, राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दल अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं।
वहीं सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ न्यायिक जांच या SIT गठित करने की मांग वाली याचिका पर बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस तरह SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर भ्रम फैलाने और लोगों के मन में अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहा है, वह पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने कहा कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग सुझाव आ सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय आम सहमति से लिया जाता है। जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, तब चुनाव आयोग के प्रति भ्रम और अविश्वास पैदा करने की कोशिश करना उचित नहीं है।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है और उसके खिलाफ इस तरह आपत्तियां उठाना उचित नहीं है।
संजय सरावगी ने कहा कि तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में भी चुनाव हुए थे, और उस समय वहां भाजपा सत्ता में थी। तब मतदाता सूचियों को लेकर कोई समस्या क्यों नहीं उठाई गई? ये आरोप निराधार और अनुचित हैं। संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस और विपक्ष की आदत बन गई है।