
Pawan Khera attack on Rajnath Singh: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर अंकित किए गए हैं। इसे लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को एक वीडियो साझा कर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि या तो रक्षा मंत्री को अपने ही मंत्रालय की जानकारी नहीं थी, या फिर सच्चाई पता होने के बावजूद उन्होंने संसद को गुमराह किया। दोनों ही स्थितियों में उनकी क्षमता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'सिर्फ दो ही संभावनाएं हैं। या तो रक्षा मंत्री @rajnathsingh ने जब संसद को संबोधित किया, तब उन्हें यह जानकारी ही नहीं थी कि छह सैनिक शहीद हो चुके थे। यदि ऐसा है, तो यह उस मंत्री पर गंभीर प्रश्नचिह्न है, जिसे उसी मंत्रालय के मामलों की जानकारी नहीं है, जिसका वह नेतृत्व कर रहे हैं। या फिर उन्हें सच्चाई मालूम थी और इसके बावजूद उन्होंने संसद को गुमराह करना चुना। यह उससे भी अधिक गंभीर है, क्योंकि इससे यह सिद्ध होता है कि यह सरकार लोकतंत्र के मंदिर में, शपथ लेने के बाद भी, देश से झूठ बोलती है।
उन्होंने इसी पोस्ट में आगे लिखा, 'जो भी सच हो, कुछ तथ्य नहीं बदलते। हमारे छह वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन उनके बलिदान को छिपाया गया। उन्हें वह सम्मान और मान्यता नहीं दी गई, जिसके वे हकदार थे। उनके परिवारों से वह पारदर्शिता भी छीन ली गई, जिसकी उन्हें अपेक्षा थी। यह हमारे सैनिकों का अपमान है और कोई भी सच्चा देशभक्त इस पर मौन या संतुष्ट नहीं रह सकता।'
वहीं जब अशोक श्रीवास्तव नाम के सोशल मीडिया 'एक्स' यूजर दावा किया कि कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है।
अशोक श्रीवास्तव ने अपने पोस्ट में लिखा, 'कांग्रेस और उसके इकोसिस्टम से जुड़े लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि भारत ने एक साल बाद अब ऑपरेशन सिंदूर में बलिदान हुए छह सैन्यकर्मियों के बारे में जानकारी सार्वजनिक की है। ऐसा भ्रम फैलाने से पहले 11 मई 2025 की उस प्रेस वार्ता को देख लें, जो अभियान को विराम दिए जाने के एक दिन बाद आयोजित की गई थी। उस ब्रीफिंग के दौरान तत्कालीन डीजीएमओ ने स्पष्ट रूप से सैनिकों के बलिदान को स्वीकार किया था और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। वहीं, वायु सेना प्रमुख ने भी ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए एकमात्र वायुसैनिक के परिवार से भेंट की थी। इसके अतिरिक्त, शहीद हुए सैन्यकर्मियों में से दो को बाद में वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया, जबकि सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को मरणोपरांत वायु सेना पदक (वीरता) प्रदान किया गया। तथ्य पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध थे। वर्तमान बहस इस बात को लेकर नहीं है कि हताहत हुए थे या नहीं, बल्कि इस बात को लेकर है कि शहीदों के नामों को औपचारिक रूप से जारी और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित कब किया गया।'
इस पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अशोक श्रीवास्तव के पोस्ट को शेयर करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का वीडियो साझा किया और लिखा, महोदय यह भी देख लेते।