
Congress Protest at Jantar Mantar: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को कांग्रेस ने बड़ा सत्याग्रह प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी नेता मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) का नामांकन खारिज किए जाने के विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि यह फैसला लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और चुनाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर इकट्ठा होकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान एक बड़ा बैनर भी देखा गया, जिस पर लिखा था, पहले वोट चोरी, अब सीट चोरी और फिर चुनाव आयोग की बेशर्मी भरी चुनौती। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की रक्षा के लिए किया गया है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब चुनाव अधिकारियों ने मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) के राज्यसभा नामांकन को कथित अनियमितताओं और हलफनामे में खामियों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया। कांग्रेस का दावा है कि सभी दस्तावेज सही थे और कोई गंभीर गलती नहीं थी। पार्टी ने इस फैसले को अन्यायपूर्ण बताया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी इस मामले पर चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच जुगलबंदी है और राज्यसभा चुनाव से पहले ही प्रक्रिया प्रभावित की जा रही है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार के सभी दस्तावेज सही थे, फिर भी नामांकन खारिज किया गया। वहीं दूसरी ओर अन्य उम्मीदवारों को सुधार का समय दिया गया।
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं और यह मामला लोकतंत्र के लिए गंभीर संकेत है।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (Rajiv Gandhi Panchayati Raj Organization) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पंवार (Sunil Panwar) ने भी चुनाव आयोग के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नामांकन खारिज करना गलत और असंवैधानिक है। उनके अनुसार यह निर्णय लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।