कांग्रेस ने बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा कि हम धार्मिक स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं। यह सिफारिश USCIRF, जो US सरकार की एक आधिकारिक संस्था है, ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को की थी। USCIRF ने चेतावनी दी है कि RSS लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खतरा है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला है। यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) द्वारा रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की मांग के एक दिन बाद कांग्रेस ने RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी के लिए बने कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से कहा है कि भारत के आरएसएस और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। रिपोर्ट में आरएसएस और रॉ के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि अमेरिका को RSS पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, 'हम धार्मिक स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं।' यह सिफारिश USCIRF, जो US सरकार की एक आधिकारिक संस्था है, ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को की थी। USCIRF ने चेतावनी दी है कि RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के लिए खतरा है।
इसकी सिफारिशें साफ हैं:
—RSS पर तुरंत बैन लगाएं।
—इसकी संपत्ति जब्त करें।
—RSS सदस्यों के US में आने पर रोक लगाएं।'
कांग्रेस ने आगे लिखा, 'महात्मा गांधी जी की हत्या के बाद सरदार पटेल जी ने भारत में RSS पर बैन लगा दिया था। जो संगठन संविधान का विरोध करता है और मनुस्मृति के अनुसार देश चलाने की वकालत करता है, वह इस देश की एकता और भाईचारे के लिए जहर है।'
कांग्रेस का यह बयान अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता पैनल द्वारा कथित धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघन का हवाला देते हुए आरएसएस और रॉ सहित प्रमुख भारतीय संगठनों के खिलाफ विशिष्ट प्रतिबंधों का प्रस्ताव देने के बाद आया है। अपनी ताजा रिपोर्ट में यूएससीआईआरएफ ने जोर देकर कहा कि इन संगठनों को धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघनों के प्रति उनकी जिम्मेदारी और सहनशीलता के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
इसे लागू करने के लिए आयोग ने प्रतिबंधों का प्रस्ताव रखा, जिसमें व्यक्तिगत या संगठनात्मक संपत्तियों को फ्रीज करना और इसमें शामिल व्यक्तियों या संस्थाओं पर अमेरिका यात्रा प्रतिबंध लगाना शामिल है। इसके अलावा आयोग ने अमेरिकी विदेश विभाग से भारत को विशेष चिंता का देश (सीपीसी) घोषित करने की मांग की।
अपनी रिपोर्ट में, यूएससीआईआरएफ ने दावा किया कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति 2025 के दौरान लगातार बिगड़ती रही। आयोग ने आरोप लगाया कि सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से विशेष रूप से नए कानून पेश किए और लागू किए।