18 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अपनी हार से ज्यादा BJP की जीत पर चिंता, केरल के मंत्री ने माना- ‘लोगों के बीच सरकार के प्रति नाराजगी थी’

Saji Cherian on LDF lossछ केरल चुनाव में एलडीएफ की हार स्वीकार करते हुए मंत्री साजी चेरियन ने कहा- बीजेपी की जीत चिंता की बात है। विकास योजनाएं लोगों तक नहीं पहुंची, इस वजह से सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ी।

2 min read
Google source verification
Chhattisgarh BJP

Chhattisgarh BJP- Demo Pic

केरल में कांग्रेस की प्रचंड जीत पर सियासत तेज हो गई है। सत्ताधारी 'एलडीएफ' को मिली हार के बाद मंत्री साजी चेरियन ने प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने खुलकर हार मान ली और कहा कि अब गहराई से इसकी समीक्षा करेंगे। इस बीच, सबसे ज्यादा चर्चा केरल में बीजेपी की बढ़ती ताकत और सांप्रदायिक तनाव की आशंका को लेकर हो रही है।

'हम किसी को दोषी नहीं ठहराएंगे'

साजी चेरियन ने साफ कहा- हम हार स्वीकार करते हैं। उन्होंने किसी पर इल्जाम लगाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा- हम किसी को दोषी नहीं ठहराएंगे। इस पर खुली चर्चा होगी और जो गलतियां हुई हैं, उन्हें सुधारकर एलडीएफ वापसी करेगी।

मंत्री ने कहा कि राज्य में एंटी इनकंबेंसी नहीं है। अगर होती तो वह खुद चुनाव हार जाते। उन्होंने अम्बलापुझा और चेंगन्नूर जैसे इलाकों का जिक्र करते हुए बताया कि वहां बीजेपी के वोट घटे हैं।

विकास योजनाएं लोगों तक क्यों नहीं पहुंचीं?

मंत्री से बातचीत के दौरान मीडिया की ओर से एक अहम सवाल यह भी उठाया गया कि सरकार की विकास परियोजनाएं आम लोगों तक क्यों नहीं पहुंच पाईं।साजी चेरियन ने माना कि इसकी वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ी।

उन्होंने कहा कि एलडीएफ अब इन कमियों को दूर कर मजबूती से वापसी करेगी। विपक्ष का नेता कौन बनेगा, इसका फैसला कल हो जाएगा। लेकिन चेरियन का भरोसा है कि जो लोग इस बार कांग्रेस गठबंधन (यूपीडीएफ) को वोट देकर आए हैं, वे छह महीने के अंदर ही उन्हें नकार देंगे।

बीजेपी की जीत पर चिंता

साजी चेरियन ने सबसे ज्यादा चिंता बीजेपी की जीत को लेकर जताई। उन्होंने कहा- बीजेपी की सफलता चिंता का विषय है। उनके अनुसार जहां बीजेपी जीती, वहां यूपीडीएफ के वोट घटे।

इससे साफ है कि वोटों का कुछ हद तक स्थानांतरण हुआ। मंत्री ने मुस्लिम लीग और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों मिलकर सांप्रदायिक बंटवारा पैदा करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे प्रयासों से केरल की शांति और सौहार्द को खतरा हो सकता है।

क्या होगी आगे की रणनीति?

एलडीएफ अब अपनी रणनीति पर फिर से काम करेगी। साजी चेरियन जैसे नेता खुलकर समीक्षा करने को तैयार हैं। उनका फोकस विकास कार्यों को जमीन तक पहुंचाने और सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ एकजुटता बनाने पर रहेगा।

केरल की जनता विकास और शांति दोनों चाहती है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में कौन सी ताकतें इस जनभावना को बेहतर समझ पाती हैं।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग