Bengal Elction 2026: बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।
Mamata Banerjee TMC vs Congress: पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने भी ‘एकला चलो’ की रणनीति अपनाई है। प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 284 पर अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है। पहली सूची में कांग्रेस ने कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट दिया है। पार्टी ने बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी को टिकट दिया है। दरअसल, इस बार कांग्रेस ने गठबंधन से दूरी बनाते हुए अपने दम पर खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने पर फोकस किया है।
कांग्रेस की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा सोशल इंजीनियरिंग है। पार्टी ने पहली लिस्ट में 64 मुस्लिम, 68 दलित, 16 अनुसूचित जनजाति और 42 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया है। पहली सूची के मुताबिक कांग्रेस ने मुस्लिम और दलित वोट बैंक पर फोकस किया है, यह ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के लिए भी मुसीबत बन सकता है।
कांग्रेस ने मुस्लिम बाहुल इलाके की सीट मालदा और मुर्शिदाबाद में भी प्रत्याशी उतारे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि मुस्लिम बहुल सीटों में से कुछ सीटों पर जीतकर वापसी की अपनी नींव रख सकती है। हालांकि, यहां मुकाबला आसान नहीं है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के अलावा असदुद्दीन ओवैसी और अन्य दल भी मैदान में हैं, जिससे मुस्लिम वोटों का बंटवारा संभव है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक पिछले चुनाव में ममता बनर्जी ने मुस्लिम वोट बैंक से ही सत्ता में वापसी की थी। वहीं इस बार कांग्रेस का उतरना भी मुश्किल खड़ा कर सकता है। वहीं हुमायूं कबीर की पार्टी भी इस बार चुनावी मैदान में है। ऐसे में मुस्लिम वोट बैंक का बिखराव होना ममता के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
कांग्रेस ने अपने कई दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी को उनके गढ़ बहरामपुर से टिकट दिया गया है, जहां से वह करीब 30 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, हाल ही में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर वापसी करने वाली मौसम बेनजीर नूर को मालतीपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है, ताकि मालदा क्षेत्र में पार्टी अपनी पकड़ मजबूत कर सके।
कांग्रेस ने सीएम ममता बनर्जी के सामने भी अपना प्रत्याशी उतारा है। भवानीपुर से प्रदीप प्रसाद को टिकट दिया है। यहां से बीजेपी के टिकट पर सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। नंदीग्राम से शेख जरियातुल हुसैन, रायगंज से मोहित सेनगुप्ता, जलांगी से अब्दुल रेज्जाक मोल्ला और बालीगंज से रोहन मित्रा जैसे नेताओं पर भी पार्टी ने भरोसा जताया है।
विधानसभा चुनाव ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और बीजेपी के मध्य माना जा रहा है, लेकिन कांग्रेस की इस बार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। हालांकि कांग्रेस से बीजेपी को कोई नुकसान नहीं होना माना जा रहा है, लेकिन मुस्लिम बहुल सीटों पर टीएमसी को झटका लग सकता है।
2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 213 और बीजेपी ने 77 सीटें जीती थीं। ऐसे में इस बार कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तृणमूल और बीजेपी दोनों से मुकाबला करते हुए अपनी पहचान फिर से स्थापित करना है।