ईरान और US-इजरायल जंग की वजह से पूरी दुनिया ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ी है। ऐसे माहौल में भारत ने परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से जंग जारी है। इस संघर्ष की वजह से कई देश ऊर्जा संकट का दंश झेल रहे हैं। इस वैश्विक संकट के बीच भारत ने परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में बने स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। इस स्वदेशी ब्रीडर रिएक्टर में नियंत्रित परमाणु प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। यह लंबे समय के लिए परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने वाला चरण है।
फास्ट ब्रीडर रिएक्टर जितना ईंधन इस्तेमाल करता है, उससे ज्यादा पैदा करता है। इसकी क्षमता 500 मेगावाट है। यह लगभग 4 से 5 लाख औसत भारतीय घरों को एक साथ बिजली देने के लिए पर्याप्त है। इससे ईंधन का बेहतर उपयोग होता है। इस प्रक्रिया से यूरेनियम ज्यादा समय तक चलता है और लंबे समय तक रहने वाले परमाणु कचरे को भी जलाया जा सकता है। इससे भारत की आयातित परमाणु ईंधन पर निर्भरता कम होगी।
फास्ट ब्रीडर रिएक्टर प्रोजेक्ट में 200 से ज्यादा भारतीय कंपनियों ने योगदान दिया है। इससे भारत की एडवांस न्यूक्लियर इंजीनियरिंग क्षमता मजबूत हुई है। अब नई तकनीकों और रिएक्टर डिजाइन में मदद मिलेगी। साफ और कम-कार्बन ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा। जब यह पूरी तरह चालू होगा, तो 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 8 गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट करने की योजना में इसकी अहम भूमिका होगी।
भारत के पास थोरियम का बड़ा भंडार है। यह रिएक्टर भविष्य में थोरियम के उपयोग का रास्ता तैयार करेगा, जो परमाणु कार्यक्रम के तीसरे चरण का लक्ष्य है। इस प्रक्रिया में यूरेनियम-238 और थोरियम-232 को उपयोगी ईंधन में बदला जा सकता है। अभी रिएक्टर यूरेनियम-प्लूटोनियम फ्यूल पर चलेगा, लेकिन आगे चलकर थोरियम आधारित सिस्टम के लिए आधार तैयार करेगा। बता दें कि भारत के पास दुनिया का लगभग 25% थोरियम भंडार है। PFBR इस थोरियम का उपयोग करने की कुंजी है। भारत ने 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI) ने स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तैयार किया है। इस रिएक्टर में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स हैं, जैसे इमरजेंसी में अपने आप बंद होने वाले सिस्टम। अब इसे धीरे-धीरे टेस्ट करके इसे पूरी क्षमता तक पहुंचाया जाएगा। जब यह रिएक्टर पूरी तरह चालू हो जाएगा तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिनके पास फास्ट ब्रीडर रिएक्टर हैं। भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड कंपनी 2003 में खासतौर पर ऐसे एडवांस रिएक्टर बनाने के लिए बनाई गई थी। यह कंपनी भारत सरकार का उपक्रम है।