राष्ट्रीय

पत्नी की हत्या की बात पति ने स्वीकारी, जेल में बिताया डेढ़ साल, अब Court में अचानक पहुंची जिंदा महिला

कर्नाटक के मैसूर मृत पत्नी अचानक कोर्ट (Court) में पहुंची किसकी हत्या के आरोप में पति को डेढ़ साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया।
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Apr 05, 2025
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कर्नाटक के मैसूर से एक हैरान कर देने वाली घटना ने सबको चौंका दिया है। एक शख्स, जिसने अपनी पत्नी की कथित हत्या के आरोप में डेढ़ साल जेल की सलाखों के पीछे गुजारे, उसकी जिंदगी में उस वक्त नाटकीय मोड़ आया जब उसकी "मृत" पत्नी अचानक कोर्ट (Court) में जिंदा अवतार में प्रकट हो गई। यह मामला न सिर्फ पुलिस (Police) जांच पर सवाल उठाता है, बल्कि एक अनोखी कहानी को भी सामने लाता है। आखिर क्या है इस रहस्यमयी घटना के पीछे की सच्चाई? आइए जानते हैं।

क्या है ये मामला?

यह मामला 38 वर्षीय कुरुबारा सुरेश से जुड़ा है, जिसे अपनी पत्नी मल्लिगे की कथित हत्या के आरोप में डेढ़ साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया, जबकि मल्लिगे जीवित निकली। कोर्ट ने मैसूर के पुलिस अधीक्षक एन. विष्णुवर्धन को नए सिरे से जांच करने और 17 अप्रैल तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। न्यायाधीश ने पुलिस के पहले दायर आरोपपत्र को “रद्द” करने योग्य बताया, क्योंकि यह बिना ठोस सबूत के महज अनुमानों पर आधारित था।

2020 में हुई थी लापता

सुरेश ने दिसंबर 2020 में कोडागु जिले से अपनी पत्नी मल्लिगे के लापता होने की शिकायत दर्ज की थी। करीब नौ महीने बाद, जून 2021 में बेट्टादपुरा पुलिस को एक अज्ञात महिला का कंकाल मिला। पुलिस ने सुरेश पर दबाव डाला कि वह इसे अपनी पत्नी का शव माने और उसे हत्या का आरोपी बना दिया। इस आधार पर सितंबर 2022 से मुकदमा शुरू हुआ और 2.5 साल तक चला।

लेकिन 1 अप्रैल, 2025 को मल्लिगे को उसके परिचितों ने मैसूर के मदीकेरी में जिंदा देखा और अगले दिन उसे कोर्ट में पेश किया गया। मल्लिगे ने बताया कि वह अपने प्रेमी के साथ रह रही थी और उसे सुरेश पर लगे आरोपों की कोई जानकारी नहीं थी। उसने यह भी कहा कि कंकाल के साथ मिले कपड़े उसके नहीं थे।

कोर्ट ने की टिप्पणी

न्यायाधीश ने हैरानी जताते हुए कहा कि पुलिस के पास शव की पहचान के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं था। उन्होंने पूछा, “कपड़े और चूड़ियों के आधार पर शव को मल्लिगे का कैसे मान लिया गया? यह सुनी-सुनाई बातों पर आधारित जांच है।” कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे देश में तीसरी या चौथी ऐसी घटना करार दिया।

लापरवाही और मुआवजे की मांग

न्यायाधीश ने जांच की गुणवत्ता पर नाराजगी जताई और कहा कि आजकल आरोपपत्र बेहद कमजोर होते हैं, जिनमें डिजिटल सबूत तक नहीं होते। सुरेश के पिता कुरुबार गांधी ने पुलिस पर अपने बेटे को झूठा फंसाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उन्होंने सुरेश के डेढ़ साल की कैद के लिए उचित मुआवजे की मांग की। सुरेश के वकील ने भी कहा कि वे हाई कोर्ट में मुआवजे के लिए याचिका दायर करेंगे।

Updated on:
05 Apr 2025 04:05 pm
Published on:
05 Apr 2025 03:49 pm
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