
अभिजीत दीपके के घर पहुंचे मंत्री(फोटो-ANI)
Abhijeet Dipke News: महाराष्ट्र में नीट-यूजी परीक्षा विवाद के बाद शुरू हुए छात्र आंदोलन के केंद्र में रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर रविवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने आंदोलन से जुड़ी सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है। वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने लेटर जारी कर परीक्षा में हुई अनियमितताओं पर दुख जताते हुए युवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने अभिजीत दीपके के घर जाकर उनके माता-पिता से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उनका दीपके के परिवार से वर्षों पुराना संबंध है और इसी कारण वे उनसे मिलने पहुंचे हैं। शिरसाट ने कहा कि आंदोलन के दौरान वे जानबूझकर नहीं आए, क्योंकि उस समय उनकी मौजूदगी से राजनीतिक विवाद खड़ा हो सकता था। उन्होंने बताया कि अभिजीत के माता-पिता को आज भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा देशभर में इतना चर्चित हो गया है।
संजय शिरसाट ने कहा कि केंद्र सरकार ने भी अभिजीत दीपके का समर्थन किया और आंदोलन से जुड़ी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन समाप्त होने के बाद परिवार से मिलना उनका नैतिक दायित्व था।
उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने एक पत्र जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया था। उन्होंने लिखा था कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सम्मान की बात रही। प्रधान ने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में सामने आई अनियमितताएं बेहद पीड़ादायक थीं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। साथ ही अगले वर्ष से नीट-यूजी परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में कहा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे और आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड के कई मेधावी छात्रों ने सफलता हासिल की। हालांकि उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उनका मन पिछले 10 दिनों से अत्यंत व्यथित रहा। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय लोकतंत्र की शक्ति पर पूरा विश्वास है और देश के युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और भविष्य के प्रति उनका सम्मान हमेशा बना रहेगा। उनके अनुसार, युवा केवल भारत का भविष्य नहीं बल्कि विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख वाहक हैं।
Updated on:
26 Jul 2026 03:46 pm
Published on:
26 Jul 2026 03:08 pm
