
संजय राउत का दावा देवेंद्र फडणवीस को बनाया जाएगा नया शिक्षा मंत्री(फोटो-IANS)
Devendra Fadnavis: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सियासत तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी केवल अस्थायी तौर पर दी गई है और केंद्र सरकार स्थायी शिक्षा मंत्री की तलाश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस पद के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।
मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने कहा कि प्रह्लाद जोशी फिलहाल अंतरिम शिक्षा मंत्री हैं। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार स्थायी शिक्षा मंत्री को लेकर विचार-विमर्श कर रही है। उन्होंने कहा कि जोशी पहले कोयला मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं, लेकिन शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी उन्हें फिलहाल अतिरिक्त प्रभार के तौर पर दी गई है।
राउत ने दावा किया कि उनकी जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देवेंद्र फडणवीस को देश का शिक्षा मंत्री बनाने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फडणवीस आरएसएस की विचारधारा से जुड़े हैं, शिक्षित हैं और राज्य चलाने का अनुभव रखते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि फडणवीस दिल्ली आते हैं तो महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन होगा, इसी वजह से फैसला फिलहाल अटका हुआ है। राउत ने कहा कि दिल्ली के राजनीतिक हलकों में इस तरह की चर्चा चल रही है।
संजय राउत ने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और छात्राओं के साथ पुलिस ने ज्यादती की और इसके लिए अमित शाह जिम्मेदार हैं। राउत ने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने, युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने और देश को नुकसान पहुंचाने के लिए अमित शाह जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमित शाह कभी देश के प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे और उन पर छात्रों का 'श्राप' है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा कि 37 दिन तक चले छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार को युवाओं की ताकत के आगे झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में पहली बार मोदी सरकार को जनता के दबाव में किसी बड़े फैसले पर पीछे हटना पड़ा और छात्रों की मांगें माननी पड़ीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान कई युवाओं ने अपनी जान गंवाई, कई ने आत्महत्या की, कई लाठीचार्ज और पेलेट गन की कार्रवाई में घायल हुए तथा कुछ की आंखों की रोशनी भी चली गई।
Updated on:
26 Jul 2026 04:35 pm
Published on:
26 Jul 2026 04:35 pm
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