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राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता हसन मुश्रीफ के खिलाफ ईडी की कार्रवाई खत्म, मनी लॉन्ड्रिंग केस बंद होने से परिवार को बड़ी राहत

Hasan Mushrif: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री हसन मुश्रीफ और उनके बेटों को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। मुंबई की विशेष अदालत ने ईडी की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए केस बंद कर दिया है।
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Updated: 5 Nov 2026, 8:55 PM IST
Hasan Mushrif Money Laundering Case
वरिष्ठ नेता हसन मुश्रीफ। फाइल फोटो- पत्रिका

Money Laundering Case: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हसन मुश्रीफ को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मुश्रीफ और उनके बेटों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बंद कर दिया है। अदालत के इस फैसले से परिवार को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

'कार्रवाई जारी नहीं रखी जा सकती'

विशेष पीएमएलए न्यायाधीश एसवी सहारे ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत कार्रवाई के लिए मूल अपराध का होना जरूरी है। जब मूल अपराध ही अदालत की ओर से रद्द किया जा चुका है, तो पीएमएलए के तहत कार्रवाई जारी नहीं रखी जा सकती। अदालत ने दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) भी रद्द कर दी। साथ ही मामले से जुड़े सभी दस्तावेज ईडी के अधिकारियों को लौटाने के निर्देश दिए।

चीनी मिल से जुड़ा था मामला

यह मामला हसन मुश्रीफ, उनके बेटों और सरसेनापति संताजी घोरपड़े चीनी मिल से जुड़ा था। कंपनी पंजीयक कार्यालय की ओर से मार्च 2022 में दर्ज शिकायत और कोल्हापुर के मुरगुड थाने में फरवरी 2023 में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। ईडी ने आरोप लगाया था कि चीनी मिल कोलकाता की शेल कंपनियों के जरिए 11.35 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मिली थी। जांच के दौरान जुलाई 2024 में ईडी ने 2.07 करोड़ रुपए की सावधि जमा और 7.70 लाख रुपए नकद जब्त किए थे।

मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी

मुश्रीफ ने ईडी की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। स्थानीय पुलिस के जांच अधिकारी ने मामले में रिपोर्ट पेश की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने जून 2025 में एफआईआर रद्द कर दी थी। वहीं कंपनी कानून में किए गए संशोधनों को पुराने मामलों पर लागू नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पुणे की अदालत में शिकायत पर शुरू की गई कार्यवाही भी रद्द कर दी थी। दोनों मूल मामलों के रद्द होने के बाद ईडी ने खुद विशेष पीएमएलए अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी। अब अदालत ने इसे स्वीकार कर मामले को पूरी तरह बंद कर दिया है।

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5 Nov 2026, 8:55 PM IST
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