जोशीमठ में अब सेना की 25 से 28 इमारतों में मामूली दरारे आ गई हैं, जिसके बाद सैनिकों को अस्थायी रूप से अलग स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
जोशीमठ में भू धंसाव के कारण लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। इसी को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ में सेना, आईटीबीपी, वैज्ञानिकों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक की। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए धामी ने बताया कि "जोशीमठ में केवल 25% घरों में ही दरारें आई हैं। ऐसा माहौल न बनाएं कि जोशीमठ खत्म हो रहा है। यहां की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही निर्भर है, डर का माहौल बनने से पर्यटक नहीं आएंगे। 4 महीने बाद चार धाम की यात्रा शुरू होने वाली है।" इसके साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि "मैंनें व्यापारी संगठन, निर्वाचित प्रतिनिधी आदि से मुलाकात की और उनको हर संभव मदद पहुंचाने की बात कही है। हम अंतरिम सहायता के रूप में 1.5 लाख रुपए की राशि लोगों के खातों में भेज रहे हैं। कमेटी तय करेगी कि और अच्छे से अच्छा रेट देंगे।"
वहीं सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि सेना की 25-28 इमारतों में मामूली दरारें आ गई हैं,जिसके बाद सैनिकों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें स्थायी रूप से औली में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
जनरल मनोज पांडे ने स्थानीय प्रशासन को हर संभव मदद का दिया भरोषा
जनरल मनोज पांडे ने बताया कि बाईपास रोड का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, लेकिन अग्रिम इलाकों तक हमारी पहुंच और परिचालन संबंधी तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ा है। हम स्थानीय प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।
लगातार इमारतों में बढ़ रही हैं दरारें
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में जोशीमठ में 50 से अधिक अन्य इमारतों में भी दरारे आई हैं, जिसके कारण अब तक कुल 723 दरारें आ चुकी हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री जोशीमठ के नरसिंह मंदिर पहुंच कर पूजा-अर्चना की, जिसके बाद ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि "जोशीमठ में पूजा-अर्चना करने के पश्चात गौ माता का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया व इन प्रतिकूल परिस्थितियों में आध्यात्मिक व धार्मिक स्थली जोशीमठ की सुरक्षा की कामना की।"