गुजरात के गांधीनगर में बैठने की जगह को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पड़ोसियों ने 50 वर्षीय व्यक्ति को जिंदा जला दिया, इलाज के दौरान मौत हो गई। तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार है।
गुजरात के कच्छ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने समाज में बढ़ती असहिष्णुता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में होने वाले छोटे विवाद किस तरह गंभीर अपराध में बदल सकते हैं, यह मामला उसका उदाहरण है। गांधीनगर शहर में बैठने की जगह को लेकर हुए विवाद में 50 वर्षीय व्यक्ति को कथित तौर पर जिंदा जला दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान करसन महेश्वरी के रूप में हुई है। घटना गांधीनगर शहर की एक रिहायशी कॉलोनी में हुई, जहां रविवार को करसन महेश्वरी और उनके पड़ोसियों के बीच घर के बाहर पोर्च में बैठने को लेकर कहासुनी हो गई। शुरू में यह विवाद मामूली बहस तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते तनाव बढ़ गया। आरोप है कि पड़ोसियों ने गुस्से में आकर महेश्वरी के साथ मारपीट शुरू कर दी और हालात बेकाबू हो गए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि विवाद के दौरान आरोपी महेश्वरी का पीछा करते हुए उनके घर के अंदर तक घुस गए। बताया गया कि महेश्वरी जान बचाने के लिए बाथरूम में छिपे, लेकिन वहां भी उन्हें नहीं छोड़ा गया। आरोपियों ने उन पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसे महेश्वरी को तुरंत भुज के अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तुरंत जांच शुरू की गई। सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से कुछ ही घंटों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 30 वर्षीय प्रेमिलाबेन नरेशभाई माटंग, 36 वर्षीय अंजुबेन उर्फ अजीबेन हरेशभाई माटंग और 47 वर्षीय चिमनाराम गोमाराम मारवाड़ी शामिल हैं। एक अन्य आरोपी मंजुबेन लहरीभाई महेश्वरी अभी फरार है। मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 103(1) हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। एफआईआर मृतक के भाई की शिकायत पर दर्ज हुई है।