राष्ट्रीय

Crime News: राजस्थान-गुजरात से नवजातों की खरीद, दिल्ली में लाखों में बिक्री; लेडी डॉक्टर समेत 13 गिरफ्तार

Human Trafficking Network: दिल्ली पुलिस ने राजस्थान और गुजरात से जुड़े अंतरराज्यीय नवजात तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। लेडी डॉक्टर समेत 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। गिरोह गरीब परिवारों से बच्चों को खरीदकर अमीर दंपतियों को लाखों रुपये में बेचता था। पुलिस ने 5 नवजात बच्चों को सुरक्षित बचाया है।

2 min read
Jun 20, 2026
delhi Crime News
AI Image-ChatGpt

Interstate Human Trafficking Network: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसका मुख्य शिकार गुजरात और राजस्थान के गरीब इलाके थे। यह गिरोह इन राज्यों से महज 10 से 15 हजार रुपये में नवजात बच्चों को खरीदता था और दिल्ली लाकर बेऔलाद अमीरों को 10 लाख रुपये तक में बेच देता था। पुलिस ने रोहिणी के एक निजी अस्पताल की लेडी डॉक्टर और साल 2023 में एयरपोर्ट थाने से बच्चों की तस्करी में जेल जा चुकी मास्टरमाइंड महिला समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के चंगुल से 5 नवजात बच्चों को सुरक्षित छुड़ाया गया है।

जानें डिटेल्स


डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के मुताबिक, गिरोह का मुख्य गुर्गा साएबा भाई घमर राजस्थान और गुजरात के गरीब परिवारों को पैसों का लालच देकर उनके 4 से 5 दिन के नवजात बच्चे खरीद लेता था। सबसे अधिक मांग नवजात लड़कों की थी। साएबा ऑन-डिमांड बच्चों को अरेंज कर लग्जरी गाड़ियों के जरिए दिल्ली भेजता था। पिछले डेढ़ साल में यह गिरोह 30 से ज्यादा बच्चों का सौदा कर चुका है। इस पूरे रैकेट को दिल्ली में संभालने का काम प्रतिभा और रोहिणी (बेगमपुर) स्थित हीरा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल की संचालिका डॉ. विवेकी मिलकर कर रही थीं। गिरोह की मास्टरमाइंड प्रतिभा का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वह 2023 में आइजीआइ एयरपोर्ट थाने में बच्चों की तस्करी के बड़े मामले में पकड़ी गई थी। जमानत पर आते ही उसने फिर से रैकेट शुरू कर दिया। प्रतिभा आईवीएफ सेंटरों से अमीर दंपतियों का डाटा चुराती थी।

फर्जी कूपन और बर्थ सर्टिफिकेट


बच्चों को दिल्ली लाकर हीरा अस्पताल में छुपाया जाता था और लेडी डॉक्टर डॉ. विवेकी अस्पताल के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और कानूनी कागजात तैयार कर ग्राहकों को भरोसे में लेती थी ताकि सौदा 8 से 10 लाख में पक्का हो सके।

स्टिंग ऑपरेशन में रंगे हाथों दबोचे गए


पहाड़गंज इलाके में एक संदिग्ध महिला के बार-बार अलग-अलग नवजात बच्चों के साथ दिखने पर पुलिस को शक हुआ था। पुलिस ने एक कांस्टेबल को नकली ग्राहक बनाकर भेजा। 5 जून को जैसे ही 20 हजार की टोकन मनी देकर बच्चे की डिलीवरी ली गई, पुलिस ने ज्योति उर्फ कमलेश, शालू और ललित को रंगे हाथों दबोच लिया। इन्हीं की निशानदेही पर लेडी डॉक्टर, प्रतिभा और बाकी कड़ियां जुड़ीं। पुलिस ने ग्वालियर और पानीपत में छापेमारी कर खरीदारों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें ग्वालियर के मुकेश और रीमा पाल शामिल हैं, जिन्होंने 9 लाख रुपये में एक लड़का और एक लड़की खरीदी थी। दिल्ली पुलिस हीरा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल का लाइसेंस रद्द कराने के लिए मेडिकल काउंसिल को लिख रही है। दिल्ली पुलिस की टीमें इस वक्त राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।

Published on:
20 Jun 2026 03:08 am