
Ahmedabad Plane Crash(Photo-X/@narendramodi)
Ahmedabad Plane Crash Report: पायलटों के संगठन फैडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआइपी) ने नए सिम्युलेटर डेटा के आधार पर दावा किया है कि अहमदाबाद में पिछले साल 12 जून को हुए प्लेन क्रैश की वजह विमान के सिस्टम में बिजली की बड़ी खराबी थी। एफआइपी के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने प्रेस वार्ता में कहा कि संगठन ने हाल ही उस फ्लाइट के वजन, बैलेंस और मौसम की स्थितियों को हूबहू दोहराते हुए सिम्युलेटर टेस्ट किए। यह टेस्ट साबित करते हैं कि मैन्युअल रूप से फ्यूल बंद करने पर बैकअप टरबाइन को नीचे गिरने में पूरे 18 सेकंड लगते हैं। मैन्युअल शटडाउन की स्थिति में चार सेकंड की आधिकारिक टाइमलाइन भौतिक और तकनीकी रूप से असंभव है। बैकअप टरबाइन इतनी तेजी से इसलिए चालू हुआ क्योंकि इंजन बंद होने से पहले ही बिजली की एक बड़ी खराबी ने विमान को बेकार कर दिया था।
फेडरेशन का दावा है कि इसी सिस्टम की खराबी ने इंजन स्विच को ट्रिप किया और आखिरकार विमान को नीचे गिरा दिया। उन्होंने कहा कि बिजली खराबी का तर्क दुर्घटना में बचे एकमात्र यात्री के इस कथन से भी मेल खाता है कि विमान गिरने से पहले केबिन की लाइटें टिमटिमा कर धीमी हो रही थीं। गौरतलब है कि विमान दुर्घटना की आधिकारिक जांच कर रहे विमानन दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) ने अंतिम जांच रिपोर्ट अभी नहीं दी है।
कैप्टन रंधावा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विमान दुर्घटना की जांच कर रहे सरकारी अधिकारियों ने बोइंग के विशेषज्ञ कैप्टन आरएस संधू को जानबूझकर वास्तविक जांच प्रक्रिया और परीक्षणों से दूर रखा। उनके अनुसार, कैप्टन संधू के पास इस तरह की तकनीकी जानकारी और अनुभव था, जो उस दावे को चुनौती दे सकता था जिसमें कहा गया कि विमान के फ्यूल स्विच को जानबूझकर बंद किया गया था। रंधावा का कहना है कि यदि संधू को जांच में शामिल किया जाता, तो कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर अलग निष्कर्ष सामने आ सकते थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके संगठन ने इस मामले से संबंधित सिम्युलेटर परीक्षणों का पूरा डेटा और उसके नतीजे आधिकारिक रूप से बोइंग तथा सरकारी विमानन एजेंसी को सौंप दिए हैं। रंधावा के मुताबिक, यह जानकारी जांच के लिए महत्वपूर्ण है और इससे दुर्घटना के कारणों को समझने में मदद मिल सकती है।
Updated on:
20 Jun 2026, 12:47 AM IST
Published on:
20 Jun 2026, 12:47 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.