समस्तीपुर में पत्नी और उसके परिवार की प्रताड़ना से परेशान होकर एक युवक ने आत्महत्या करके अपनी जान दे दी। मरने से पहले युवक ने चार पन्नों का सुसाइड लेटर लिखा। युवक ने लिखा कि उसे दो महीने से उसकी बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
बिहार के समस्तीपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां पत्नी और उसके परिवार की प्रताड़ना से तंग आकर एक युवक ने अपनी जान दे दी है। आत्महत्या से पहले युवक ने एक चार पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर अपनी पत्नी और उसके घरवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। युवक ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसकी पत्नी उसे उसकी बेटी से मिलने नहीं देती है। 2 महीने से मैंने मेरी बेटी का चेहरा नहीं देखा है और पत्नी वीडियो कॉल पर भी उससे बात नहीं करने देती है। इन सभी कारणों के चलते युवक ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।
मृतक की पहचान दिग्विजय कुमार के रूप में हुई है और वह जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के हसनपुर सूरत गांव का रहने वाला था। दिग्विजय की शादी करीब दो साल पहले कटिहार के कोढा थाना क्षेत्र की रहने वाली राधिका कुमारी से हुई थी। दोनों की एक चार महीने की बेटी भी है। शुरुआत से ही दिग्विजय और उसकी पत्नी के परिवार वालों के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। इसी के चलते दिग्विजय और राधिका के बीच भी अक्सर लड़ाइयां होती रहती थी। नवंबर 2025 में राधिका के घरवाले दिग्विजय के घर आए थे और दिग्विजय से लड़ाई करके वे उसकी पत्नी और बेटी को अपने साथ ले गए थे।
दिग्विजय ने अपने सुसाइड नोट में बताया कि उसके ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से टॉर्चर करते थे और दहेज का झूठा केस लगाने की धमकी भी देते थे। 4 पन्नों के सुसाइड नोट में दिग्विजय ने लिखा, मैं जो कुछ भी कर रहा हूं उसके लिए मेरी पत्नी राधिका, उसके पिता सुजीत सिंह, मां मंजू देवी, भाई सोनू अभिषेक और सबसे अधिक उसकी बहन नेहा जिम्मेदार है। राधिका मुझे बहुत जलील करती थी और ब्लैकमेल भी करती थी और नेहा उसे यह सब करने की सलाह देती थी। मेरी पत्नी और बेटी को घर से ले जाने का प्लान भी नेहा का ही था। मेरी पत्नी की मां भी उसे मेरे खिलाफ भड़काती थी। पत्नी के भाई और पिता ने मेरे साथ मारपीट भी की।
दिग्विजय ने आगे लिखा, दो महीने से मैं अपनी बेटी को देखने के लिए तड़प रहा हूं। पापा, मम्मी, अमित, छोटी मुझे माफ कर देना। मैं अच्छा नहीं बन पाया। भगवान मुझे माफ कर देना मैंने उससे शादी करके गलती की थी। मैंने तीन महीने की सारी रिकॉर्डिंग अपने पास रखी है। दिग्विजय ने लेटर में लिखा कि मेरी आखिरी इच्छा है कि मेरी बेटी का पालन-पोषण मेरा भाई करे और वही उसकी पढ़ाई और शादी की जिम्मेदारी संभाले। दिग्विजय ने अपील की कि उसकी पत्नी और उसके परिवारवालों को सजा मिलनी चाहिए।
दिग्विजय के परिवार वालों ने बताया कि बेटी से दूर होने की वजह से वह काफी तनाव में था। इसी के चलते शुक्रवार शाम उसने घर के ऊपर की मंजिल पर स्थित अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। रात 8:45 बजे जब दिग्विजय की मां उसे खाना खाने के लिए बुलाने गई तो उसे वह कमरे में पंखे से लटका मिला। परिवार ने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से पुलिस को चार पन्नों का सुसाइड लेटर भी मिला। पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।