बड़े फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाला मामले में ईडी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस घोटाले के मास्टरमाइंड पावेल प्रोज़ोरोव को स्पेन की पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने भारत में हुए बड़े फॉरेक्स ट्रेडिंग घोटाले(ओक्टा एफएक्स फ्रॉड) के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस घोटाले के मास्टरमाइंड पावेल प्रोज़ोरोव को स्पेन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इडी ने इस कार्रवाई के तहत 2,385 करोड़ रुपये की क्रिप्टो संपत्तियां जब्त की हैं।
यह मामला पुणे के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआइआर से शुरू हुआ था। आरोप था कि ओक्टा एफएक्स नाम की कंपनी ने विदेशी मुद्रा में ट्रेडिंग का झांसा देकर भारतीय निवेशकों से बड़े पैमाने पर ठगी की। इडी की जांच में सामने आया कि यह कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ ) की मंजूरी के बिना देश में अवैध रूप से फॉरेक्स ट्रेडिंग करा रही थी।
जांच के अनुसार, ओक्टा एफएक्स ने जुलाई 2022 से अप्रैल 2023 के बीच भारतीय निवेशकों से करीब 1,875 करोड़ की ठगी की थी। इडी ने यह भी खुलासा किया है कि ठगी गई रकम को बाद में डमी कंपनियों के खातों का उपयोग करके ई-कॉमर्स ट्रांजेक्शन या सॉफ्टवेयर सेवाओं के इंपोर्ट के नाम पर विदेशों में स्थानांतरित किया जा रहा था। पावेल प्रोज़ोरोव द्वारा नियंत्रित एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क इस पूरी अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहा था, जिसके खिलाफ इडी अब यूरोपीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई कर रही है।