राष्ट्रीय

CWC Meeting: 19 अगस्त को होगी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर होगी चर्चा

CWC Meeting:कांग्रेस वर्किंग कमेटी की आगामी 19 अगस्त को बैठक होगी। इसमें छात्रों के विरोध प्रदर्शनों और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा होगी।
2 min read
Congress Working Committee Meeting
CWC Meeting:कांग्रेस वर्किंग कमेटी की आगामी 19 अगस्त को बैठक होगी। इसमें छात्रों के विरोध प्रदर्शनों और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा होगी,photo source@ANI

CWC Meeting 2026: कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक आगामी 19 अगस्त को प्रस्तावित है। बैठक में राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर चर्चा होगी। वहीं फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) संशोधन विधेयक, 2026 को विस्तृत जांच और समीक्षा के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का विपक्ष ने विरोध किया है। विपक्ष ने सरकार पर सदन में आखिरी समय में बिल पेश करने का आरोप लगाया।

CWC की 19 अगस्त को बैठक

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक 19 अगस्त को प्रस्तावित है। इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी के सांसदों और अन्य पदाधिकारियों के साथ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

आखिरी समय में लाया गया बिल

FCRA बिल पर कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, यह बिल आखिरी समय में लाया गया है, जबकि कल सत्र खत्म होने वाला है। आज दोपहर 12 बजे हमें लोकसभा सचिवालय से संदेश मिला कि अमित शाह यह बिल पेश कर रहे हैं। लेकिन गृहमंत्री अमित शाह आज सदन में मौजूद भी नहीं हैं। राज्य मंत्री (MoS) ने इसे JPC (संयुक्त संसदीय समिति) को भेजने का प्रस्ताव रखा। हंगामे के बीच बिल पर चर्चा कराने के बजाय, सरकार ने बिल को JPC में भेजने का फैसला लिया है।

शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट

JPC को बिल की विस्तृत जांच और समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट 2026 के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक लोकसभा में पेश करनी होगी। समिति के कामकाज पर संसदीय समितियों से संबंधित लोकसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम लागू होंगे। जरूरत पड़ने पर समिति के अध्यक्ष इनमें संशोधन कर सकते हैं।

धार्मिक आधार पर भेदभाव नहीं

बिल के प्रावधानों को लेकर विपक्ष और कुछ धार्मिक संस्थाओं ने चिंता जताई। विरोध करने वालों का कहना है कि बिल के कुछ प्रावधानों के इस्तेमाल से धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रस्तावित कानून धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करता।

Updated on:
12 Aug 2026 04:03 pm
Published on:
12 Aug 2026 04:03 pm
Also Read
View All
Jharkhand Protest: अस्पताल से भी जारी है देवेंद्र महतो का अनशन, सिविल सर्जन को चिट्ठी लिखकर मांगी स्टेडियम जाने की अनुमति

महंगाई ने फिर बढ़ाई टेंशन! RBI के 4% टारगेट से ऊपर पहुंची दर ने बिगाड़ा बजट,प्याज-लहसुन के दाम आसमान पर

जस्टिस यशवंत वर्मा की बढ़ीं मुश्किलें, पद से हटाने के लिए शीतकालीन सत्र में लाया जा सकता है महाभियोग प्रस्ताव

Karnataka Cabinet Expansion: कर्नाटक में नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा, डीके शिवकुमार ने अपने पास रखे कई अहम मंत्रालय

गौरव गोगोई का अमित शाह पर हमला, कहा- पेपर लीक बिल पर दो दिन हुई चर्चा, फिर सदन से क्यों गायब थे गृह मंत्री?