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Cyclone Arnab 2026: चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा बढ़ा! आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा तूफान, 140 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है रफ्तार

Cyclone Arnab 2026: समुद्र में तेजी से ताकतवर हो रहा ‘अर्नब’ तटीय इलाकों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। हवा की रफ्तार 125 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के 140 किमी प्रति घंटे तक चलने का अनुमान है। अगले दो दिन इस तूफान की दिशा और तीव्रता पर नजर रखना बेहद अहम होगा।
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Updated: 26 Oct 2026, 9:37 AM IST
Cyclone Arnab 2026
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Cyclone Arnab 2026: बंगाल की खाड़ी में उठ रहा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। समुद्र में इसकी ताकत लगातार बढ़ने के साथ आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों पर खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, यह तूफान अगले कुछ घंटों में भीषण चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। 28 अक्टूबर की सुबह इसके आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है, जहां तेज हवाएं भारी तबाही मचा सकती हैं।

Cyclone Arnab 2026: बंगाल की खाड़ी में तूफान ने पकड़ी रफ्तार

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी के मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य हिस्से में सक्रिय गहरा अवदाब सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 की सुबह चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ में तब्दील हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सुबह 5:30 बजे तूफान का केंद्र 15.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 88.9 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास दर्ज किया गया। पिछले छह घंटों के दौरान यह लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ा।

किन इलाकों पर मंडरा रहा है खतरा?

मौसम (IMD) विभाग के मुताबिक, तूफान अंडमान द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम से करीब 590 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम, ओडिशा के गोपालपुर से 610 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम से लगभग 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित है। इसके अलावा, यह काकीनाडा से 730 किलोमीटर, मछलीपट्टनम से 830 किलोमीटर और बापटला से करीब 910 किलोमीटर पूर्व में है।

तूफान की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने रेड मैसेज के जरिए संभावित खतरे को लेकर सतर्क किया है।

28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका

पूर्वानुमान के अनुसार, ‘अर्नब’ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 26 अक्टूबर की आधी रात तक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद 27 अक्टूबर को इसके अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।

सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम 28 अक्टूबर की सुबह सामने आ सकता है। अनुमान है कि तूफान आंध्र प्रदेश और यानम के तटों के बीच बापटला तथा विशाखापत्तनम के आसपास समुद्र तट पार करेगा। उस समय इसकी निरंतर हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि तेज झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम?

चक्रवात के दौरान तेज हवाओं के अलावा भारी बारिश, समुद्र में ऊंची लहरों और निचले इलाकों में जलभराव जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। हालांकि, इन प्रभावों की वास्तविक तीव्रता तूफान के अंतिम मार्ग और स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सलाह पर नजर रखनी चाहिए। मछुआरों को समुद्र की स्थिति से जुड़े निर्देशों का पालन करना चाहिए तथा चेतावनी वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचना चाहिए।

Updated on:
26 Oct 2026, 9:37 AM IST
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