
Delhi AQI Today: दिल्ली की हवा में प्रदूषण का बढ़ता असर, 300 के पार पहुंचा AQI (फोटो सोर्स: ANI)
Delhi Air Pollution: नई दिल्ली में सुबह की शुरुआत साफ हवा के बजाय प्रदूषण की गंभीर चुनौती के साथ हुई। 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 7:51 बजे दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 317 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। हवा में पीएम2.5 और पीएम10 की मौजूदगी चिंता बढ़ा रही है। दिल्ली की यह स्थिति केवल पर्यावरण का सवाल नहीं, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों की सेहत के लिए भी चेतावनी है।
राजधानी के वायु गुणवत्ता सूचकांक का 317 पर पहुंचना बताता है कि प्रदूषण अब गंभीर स्तर पर है। भारतीय मानकों के अनुसार, 301 से 400 के बीच AQI को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे हालात में स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में परेशानी हो सकती है, जबकि पहले से बीमार लोगों की मुश्किलें बढ़ने का खतरा रहता है।
Aqi.in डैशबोर्ड के अनुसार, दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 145 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम10 का स्तर 187 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। इसके अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड 883 पीपीबी, सल्फर डाइऑक्साइड 4 पीपीबी, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड 16 पीपीबी और ओजोन 2 पीपीबी दर्ज किए गए।
AQI ग्राफ के मुताबिक, बीते 24 घंटों में प्रदूषण का स्तर लगातार एक जैसा नहीं रहा। सुबह के समय सूचकांक करीब 115 था, जबकि रात और अगली सुबह के बीच इसमें तेज बढ़ोतरी दिखाई दी। ग्राफ में अधिकतम स्तर 314 दर्ज है। मुख्य डैशबोर्ड पर सुबह 7:51 बजे AQI 317 दिखाया गया है। अलग-अलग समय पर लिए गए अपडेट के कारण इन आंकड़ों में मामूली अंतर संभव है।
Aqi.in डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों में अहमदाबाद का AQI 249, चेन्नई का 270, मुंबई का 154, पुणे का 216, कोलकाता का 126, बेंगलुरु का 123 और हैदराबाद का 98 दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि विभिन्न महानगरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति अलग-अलग है।
पीएम2.5 के सूक्ष्म कण फेफड़ों के भीतर गहराई तक पहुंच सकते हैं। पीएम10 के कण भी श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से खांसी, सांस फूलने और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। मौसम, हवा की गति, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और औद्योगिक उत्सर्जन प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं।
गंभीर प्रदूषण के दौरान सुबह-शाम खुले में कठिन व्यायाम करने से बचें। बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क उपयोगी हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर में धुआं पैदा करने वाली गतिविधियां कम रखें और संभव हो तो खिड़कियां तभी खोलें, जब बाहर की हवा अपेक्षाकृत साफ हो।
Updated on:
26 Oct 2026, 8:22 AM IST
Published on:
26 Oct 2026, 8:15 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.