
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन(फोटो-IANS)
Vice President of India: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 26 और 27 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह तिरुपति के मंदिरों में दर्शन करेंगे और विजयवाड़ा में डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के 40वें स्थापना वर्ष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एक आधिकारिक बयान में रविवार को यह जानकारी दी गई।
उपराष्ट्रपति 26 अक्टूबर को विजयवाड़ा में डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के रूबी जुबली यानी 40वें स्थापना वर्ष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे। दौरे के दौरान वह तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर और तिरुचनूर स्थित श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे।
आंध्र प्रदेश दौरे से पहले उपराष्ट्रपति ने दिल्ली में 'सहकारी संघवाद और कानून सुधार: राष्ट्रीय एवं राज्य के दृष्टिकोण' विषय पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया था। इस दौरान उन्होंने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश के कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास के लिए मजबूत कानून, पारदर्शी संस्थान, कुशल प्रशासन और सभी को न्याय मिलना जरूरी है। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, विचार-विमर्श और साझा जिम्मेदारी को भी अहम बताया।
उपराष्ट्रपति ने पिछले 12 वर्षों में 1,700 से अधिक अप्रासंगिक कानूनों को हटाए जाने और औपनिवेशिक दौर के तीन आपराधिक कानूनों की जगह नए कानून लाए जाने को कानूनी व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने राज्य विधि आयोगों से पुराने कानूनों की समीक्षा करने और जरूरत के मुताबिक उनमें संशोधन या उन्हें समाप्त करने की सिफारिश करने का आग्रह किया। इससे लोगों के जीवन को आसान बनाने और प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि कानूनी सुधारों में सहकारी संघवाद का मतलब हर मामले में एक जैसी व्यवस्था लागू करना नहीं है। केंद्र और राज्यों को उन विषयों पर मिलकर काम करना चाहिए, जहां उनकी संवैधानिक जिम्मेदारियां एक-दूसरे से जुड़ती हैं। साथ ही, राज्यों को अपनी जरूरतों के मुताबिक फैसले लेने की उचित स्वतंत्रता भी मिलनी चाहिए।
Published on:
26 Oct 2026, 4:00 AM IST
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