
Cyclone Arnab : चिलिका (ओडिशा)। चक्रवात अर्नब के संभावित असर को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने चिलिका झील में पर्यटक नौकाओं और यात्री फेरी सेवाओं के संचालन पर 29 अक्टूबर तक रोक लगा दी है। मछली पकड़ने वाली नावों को भी झील में जाने की अनुमति नहीं होगी। एहतियात के तौर पर सभी नावों और तैरते पुलों को सुरक्षित स्थानों पर बांधकर जेटी पर खड़ा कर दिया गया है, ताकि तेज हवा और बारिश के दौरान किसी तरह का नुकसान न हो।
प्रशासन के इस फैसले का उद्देश्य पर्यटकों, स्थानीय लोगों और मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। चक्रवात को लेकर जारी अलर्ट के बाद मछुआरे अपनी नावों को सुरक्षित ठिकानों पर ले जा रहे हैं। अगले तीन से चार दिनों तक मछली पकड़ने की गतिविधियां भी पूरी तरह बंद रहेंगी।
कालिजाई मोटर बोट एसोसिएशन के सहायक सचिव प्रद्युम्न बेहरा ने बताया कि चक्रवात के नजदीक आने के मद्देनजर राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने 26 से 29 अक्टूबर तक चिलिका झील में संचालित सभी नावों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसमें पर्यटकों को घुमाने वाली नावें भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि चक्रवात को लेकर लोगों में चिंता है। प्रशासन की चेतावनी के बाद विभिन्न गांवों के मछुआरे अपनी नावों को वापस सुरक्षित स्थानों पर ले गए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से तेज हवा और बारिश का अलर्ट के बाद यह कदम उठाया गया है। अगले तीन से चार दिनों तक मछली पकड़ने का काम भी पूरी तरह बंद रहेगा।
चिलिका वन्यजीव प्रभाग के उप वन संरक्षक (डीएफओ) अमलान नायक ने बताया कि जिला प्रशासन ने झील में नावों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है। मछली पकड़ने वाले जहाजों के साथ वन विभाग की नावों का संचालन भी सीमित रहेगा। वन विभाग की नावों का इस्तेमाल केवल अत्यंत जरूरी परिस्थितियों में ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चक्रवात से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। सभी नावों को संबंधित जेटी पर सुरक्षित रूप से बांधकर रखा गया है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार, 29 अक्टूबर तक नावों और फेरी सेवाओं का संचालन बंद रहेगा।