
Photo from Visakhapatnam ahead of Cyclone Arnab (Photo/ANI)
Cyclone Arnab Air India : नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब के आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ने के साथ ही हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। एयर इंडिया ने मंगलवार को ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा आने-जाने वाली उड़ानों के प्रभावित होने की चेतावनी दी है। एयरलाइन ने यात्रियों को रवाना होने से पहले फ्लाइट का स्टेटस जांचने और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी है।
एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एडवाइजरी में कहा कि चक्रवात से जुड़ी मौसम परिस्थितियों के कारण 27 अक्टूबर को विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा की उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। एयरलाइन ने यह भी चेताया कि खराब मौसम के चलते सड़क मार्ग से एयरपोर्ट पहुंचने में भी देरी हो सकती है। एयर इंडिया ने कहा कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस अवश्य जांच लें। एयरलाइन ने यात्रियों से मौसम को देखते हुए यात्रा की योजना बनाने और एयरपोर्ट के लिए समय से पहले निकलने को कहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के अनुसार, चक्रवात अर्नब मंगलवार सुबह विशाखापत्तनम से करीब 300 किलोमीटर, काकीनाडा से 360 किलोमीटर, मछलीपट्टनम से 460 किलोमीटर और बापटला से 530 किलोमीटर दूर था। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन के मुताबिक, चक्रवात मंगलवार शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। इसके बुधवार सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के आसपास तट से टकराने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि तट से टकराने के समय चक्रवात अर्नब के अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। तटीय इलाकों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है।
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश में बड़े स्तर पर बचाव और राहत तैयारियां की गई हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार, 16 जिले इसकी संभावित दिशा में हैं। इनमें 2,460 राजस्व गांव और 92 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। प्रशासन ने 1,763 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार रखे हैं। जिला और मंडल स्तर पर 2,907 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जबकि राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए 3,185 नोडल अधिकारियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 2,107 स्वर्ण ग्राम और स्वर्ण वार्ड इकाइयों में निकासी प्रक्रिया सक्रिय की गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें 11 अति संवेदनशील जिलों में तैनात की गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव और राहत अभियान चलाया जा सके।
Updated on:
27 Oct 2026, 11:25 AM IST
Published on:
27 Oct 2026, 11:05 AM IST
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