
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Photo-IANS)
Piyush Goyal on India-EU FTA: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यूरोपीय संघ (EU) और भारत के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड अग्रीमेंट (FTA) दोनों क्षेत्रों के लिए एक ऐतिहासिक गेमचेंजर साबित होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अपनी ताकतों का लाभ उठाकर भारत और यूरोपीय देश न केवल एक-दूसरे के व्यापार को मजबूत बनाएंगे, बल्कि मिलकर ग्लोबल मार्केट पर कब्जा भी करेंगे।
नीदरलैंड में भारतीय औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे पीयूष गोयल ने कहा कि यूरोपीय देशों और भारत के बीच व्यापार सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के औद्योगिक क्षेत्रों में इस साझेदारी को लेकर काफी उत्साह है। यूरोपीय कंपनियां भारत के साथ सहयोग करने के लिए उतनी ही उत्सुक हैं, जितनी भारतीय कंपनियां विशाल यूरोपीय बाजारों में अपनी पैठ बनाने के लिए हैं। पीयूष गोयल ने आगे कहा कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह तालमेल अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में स्थिरता लाएगा और दुनिया को कम कीमत पर बेहतर उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
पियूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने जो 'विकसित भारत 2047' का विजन रखा है, उसने हर भारतीय को इस राष्ट्रीय मिशन में भागीदार बनने की प्रेरणा दी है। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ, EFTA (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) समूह और यूनाइटेड किंगडम के साथ किए गए या प्रस्तावित व्यापार समझौते, इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगे।
पियूष गोयल ने कहा कि इन व्यापार समझौतों का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका फायदा जमीनी स्तर के उत्पादकों तक भी पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि ये समझौते भारतीय किसानों, मछुआरों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) तथा तकनीकी और शैक्षणिक संस्थानों के लिए निर्यात और सहयोग के अवसर पैदा करेंगे। इसके अलावा, कपड़ा, जूते-चप्पल और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ सर्विस सेक्टर को भी यूरोपीय बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी। इन बाजारों में उन्हें या तो जीरो टैरिफ देना होगा या फिर शुल्क में भारी कटौती का लाभ मिलेगा।
पीयूष गोयल ने कहा कि यूरोपीय देशों के साथ हुए ये समझौते भारत में बड़े पैमाने पर फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) ला सकते हैं। जब यूरोप की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और मजबूत फाइनेंशियल रिसोर्स भारत के विशाल मैन्युफैक्चरिंग बेस और वर्कफोर्स के साथ जुड़ेंगे, तो इससे देश में बड़ी संख्या में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य घरेलू उद्योगों को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से बनाकर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाना और भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
Updated on:
27 Oct 2026, 9:17 AM IST
Published on:
27 Oct 2026, 9:17 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.