Cyclone Mandous: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान मंडौस से तमिलनाडु और आस-पास के राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसे लेकर तमिलनाडु में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने तमिलनाडु के तीन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
Cyclone Mandous: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान मंडौस के कारण दक्षिण भारतीय कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। यह तूफान बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में उठा है। मंडौस के कारण आज 9 दिसंबर को तमिनलाडु के समुद्र किनारे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट, अंडमान और निकोबार, पुडुचेरी में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मंडौस को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने राज्य के आठ जिलों के स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है। चेन्नई, कुड्डालोर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, रानीपेट, विल्लुपुरम और वेल्लोर में तूफान और भारी बारिश के कारण 9 दिसंबर को स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। इस तूफान के कारण पुडुचेरी में भी स्कूलों में दो दिनों का अवकाश घोषित किया गया है।
इस तूफान के कारण 9 दिसंबर की मध्यरात्रि को उत्तरी तमिलनाडु तट और पुडुचेरी और महाबलीपुरम के आसपास श्री हरिकोटा में तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवाओं के 8 दिसंबर की शाम तक एक भयंकर तूफान में बदलने और 9 दिसंबर की सुबह तक इसकी तीव्रता बनाए रखने की संभावना है। तूफान के चक्रवाती तूफान में कमजोर पड़ने और शुक्रवार आधी रात के आसपास 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों को पार करने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, डेल्टा जिलों में गुरुवार शाम से भारी बारिश शुरू हो सकती है। आईएमडी ने कहा कि बारिश की तीव्रता शुक्रवार रात चरम पर हो सकती है, क्योंकि चक्रवात तट के करीब आ गया है। चेन्नई में 9 और 10 दिसंबर को भारी बारिश होगी और लगभग 20 सेमी बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने कहा कि कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और विल्लुपुरम जिलों में भारी बारिश होगी और तीन जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
इधर इस तूफान के कारण विपक्षी अन्नाद्रमुक ने चक्रवात मंडौस के मद्देनजर 9 दिसंबर से 16 दिसंबर तक चलने वाले पार्टी के विरोध कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। अन्नाद्रमुक ने संपत्ति करों में वृद्धि, बिजली शुल्क, दूध की बढ़ती कीमतों और राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की एक श्रृंखला की योजना बनाई थी।
हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने एक बयान में कहा कि उसने पार्टी के जिला सचिवों को सतर्क कर दिया है, क्योंकि भारी बारिश से लोगों को परेशानी हो सकती है। भारी बारिश के दौरान बाढ़ और जल भराव की समस्या से निपटना होगा और इसलिए स्वयंसेवकों की जरूरत होगी। अन्नाद्रमुक ने पार्टी के जिला सचिवों को बाढ़ अलर्ट खत्म होने के बाद सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करने का भी निर्देश दिया है।
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