
Datia By Election: मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासत तेज है। बीजेपी ने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया। इसके बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि वह सभी लोगों से बात करेंगे। साथ ही साफ किया कि वह किसी से नाराज नहीं हैं। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि पार्टी का फैसला सर्वोपरि है और समर्थकों से किसी तरह की अव्यवस्था नहीं फैलाने की अपील की थी।
दतिया विधानसभा सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी के फैसले का सम्मान करने की बात कही। उन्होंने नाराज कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे धैर्य और संयम बनाए रखें और अपनी बात पार्टी के तय मंच पर रखें। मिश्रा ने कहा कि कार्यकर्ता उनके अपने हैं और उन्हें भरोसा है कि सभी पार्टी के हित में फैसला मानेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी बात होगी, वह पार्टी नेतृत्व से चर्चा करेंगे।
भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के दतिया आने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें जरूर आना चाहिए। वहीं, नामांकन में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि वह नामांकन के दौरान मौजूद रहेंगे।
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, वह उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने कहा, 'मेरी किसी से कोई नाराजगी नहीं है।' जब उनसे पूछा गया कि टिकट कटने की जानकारी उन्हें कब मिली, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'जब आपको पता चला, तभी मुझे भी पता चला।' उन्होंने दोहराया कि भाजपा का फैसला उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है और वह पूरी तरह पार्टी के साथ हैं।
भाजपा ने इस बार दतिया सीट से डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह युवा नेता आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवार घोषित होने के बाद दतिया में कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने टिकट बदलने का विरोध करते हुए हाईवे भी जाम कर दिया था। हालांकि, नरोत्तम मिश्रा ने भरोसा जताया कि नाराज कार्यकर्ताओं को जल्द मना लिया जाएगा और सभी मिलकर भाजपा के लिए काम करेंगे।