
Lawrence Bishnoi Gang: राउज एवेन्यू कोर्ट ने शाहबाज अंसारी के अवैध हथियार सिंडिकेट और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी रैकेट से जुड़े यूएपीए (UAPA) मामले में वकील दीपक नंदा उर्फ दीपक खत्री की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। दीपक खत्री, जो जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस की लीगल टीम का सदस्य होने का दावा करता है, को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।
यूएपीए मामलों की विशेष जज किरण बंसल ने दीपक खत्री की जमानत याचिका को खारिज कर दी। खत्री ने अपनी याचिका में गिरफ्तारी की अवैधता और गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी न देने का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं के उल्लंघन का आरोप लगाया था, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
दीपक खत्री के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था, जिसके बाद 25 अगस्त 2026 को दुबई से लौटते समय उन्हें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी दीपक खत्री और अन्य शाहबाज अंसारी द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे। इस सिंडिकेट का उद्देश्य कथित तौर पर बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी करके जनता में आतंक पैदा करने के लिए परिष्कृत (sophisticated) हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा करना था।
इस मामले में पुलिस अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके पास से 2 सब-मशीन गन सहित 33 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और 368 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच के दौरान, आरोपी मोहम्मद राहिल ने खुलासा किया कि हथियार तस्करी सिंडिकेट का मुख्य साजिशकर्ता शाहबाज अंसारी और रेहान अंसारी क्रमशः उसके चचेरे भाई और मामा थे।
शाहबाज अंसारी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2022 में गिरफ्तार किया था और बाद में अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया था। हालांकि, रिहाई के बाद उसने पुलिस के समक्ष सरेंडर नहीं किया और भारत छोड़ कर भाग गया। माना जा रहा है कि वह वर्तमान में बांग्लादेश से सिंडिकेट चला रहा है।