भारतीय सेना की आधुनिकीकरण के लिए 79,000 करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई।
रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की सोमवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस दौरान 79,000 करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दे दी गई। थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए स्वदेशी हथियारों की खरीद पर फोकस रखते हुए कई अहम रक्षा सौदों को स्वीकृति दी गई है।
इसमें पिनाका के लांग रेंज गाइडेड मल्टीपल रॉकेट लांचर सिस्टम, हवा से हवा में मार करने वाली बियांड विजुअल रेंज मिसाइल अस्त्र एमके-2, स्पाइस-1000 बम, एयरफोर्स के लिए ऑटोमैटिक टेक ऑफ लैंडिंग रिकार्डिंग सिस्टम जैसे रक्षा उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा टी-90 टैंक और एमआइ-17 हेलीकॉप्टर को स्वदेशी तकनीक से अपग्रेड भी किया जाएगा।
डीएसी ने जिन रक्षा सौदों को मंजूरी दी है उससे थलसेना के तोपखाने की ताकत बढ़ेगी। इसमें लांग रेंज गाइडेड मल्टीपल रॉकेट सिस्टम पिनाका के नए वर्जन को शामिल किया जाएगा। इसकी मारक क्षमता 120 किलोमीटर से ज्यादा होगी। इसे पाकिस्तान के फतेह-1 मल्टीपल रॉकेट लांचर से काफी बेहतर माना जाता है।
दुश्मन पर सटीक हमले के लिए लोइटर मुनिशन की खरीद भी की जाएगी। वहीं चीन की पीएल-15 मिसाइल के जवाब में अब वायुसेना को 200 किलोमीटर तक हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र एमके-2 बीवीआर मिसाइल मिलेगी।
वायुसेना के लिए इजराइल से स्पाइस-1000 बम भी खरीदे जाएंगे। इसके अतिरिक्त नौसेना के लिए टग बोट, रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम की खरीद को भी अनुमति प्रदान की गई है।