Delhi Air Pollution सफर का अनुमान है कि दिल्ली की हवा गुणवत्ता में अगले दो से तीन दिन के बीच सुधार के आसार नहीं हैं। दरअसल अगले तीन दिनों के बीच हवा की रफ्तार सुस्त रहने की ही संभावना है। हवा की रफ्तार जब कम होती है तो प्रदूषक कणों का बहाव भी धीमा हो जाता है और वे ज्यादा देर वातावरण में बने रहते हैं।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ( Delhi Air Pollution ) से लोगों को बुरा हाल है। हवाओं की रफ्तार थमने से एक बार फिर दिल्ली ( Delhi ) में सांसों का संकट गहराने लगा है। एक दिन ही राहत के बाद दिल्लीवासियों को लिए एक बार फिर सांस लेना मुश्किल हो गया है।
गुरुवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स ( Air Quality Index ) बड़ा उछाल देखने को मिला। बुधवार को 280 से सीधा 330 पर पहुंच गया। 22 दिन बाद बुधवार को एक्यूआई 300 के आंकड़े के नीचे दर्ज किया गया था, जिससे लोगों के साथ सरकार ने भी राहत की सांस ली थी।
पड़ोसी राज्यों में पराली जलने की कम घटनाओं के बाद भी दिल्ली NCR की हवा में खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। ऐसे में हवा का औसत स्तर खराब से हट कर बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच गया है।
दरअसल की बड़ी वजह हवा की सुस्त रफ्तार को बताया जा रहा है। मंगलवार को तेज हवा की रफ्तार से एक्यूआई में भारी गिरावट देखने को मिली थी। इसका असर बुधवार को भी रहा। लिहाजा दिल्ली सरकार ने स्कूल-कॉलेज खोलने के साथ ही वर्क फ्रॉम होम भी खत्म करने से जैसे अहम फैसले लिए। लेकिन हवा की सुस्त चाल ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
अगले दो दिन तक राहत के आसार नहीं
वहीं, SAFAR का पूर्वानुमान है कि आगामी 2 दिनों तक स्थानीय स्तर पर चलने वाली हवाओं की रफ्तार कम होने और पारा लुढ़कने के साथ राहत के आसार नहीं हैं।
सफर के मुताबिक हवा का स्तर बहुत खराब के उच्चतम श्रेणी में पहुंच सकता है। बता दें कि330 अंकों के साथ दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) वर्तमान में ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।
दिल्ली के पांच इलाके ऐसे हैं जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 अंक के पार पहुंच गया है। इनमें जहांगीरपुरी (456), चांदनी चौक (442),आनंद विहार (429),वजीरपुर (417), सोनिया विहार ( 408) है।
दिल्ली की हवा में इस समय तीन गुना से ज्यादा प्रदूषण है। वहीं सीपीसीबी के मुताबिक, बुधवार को शाम पांच बजे हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 340 और पीएम 2.5 का स्तर 186 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा।
मानकों के मुताबिक, पीएम 10 का 100 और पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम के नीचे रहना चाहिए।