
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण ( Delhi Air Pollution ) से निपटने के लिए शुक्रवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान ( GRAP ) लागू हो गया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को नियंत्रित करने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यही नहीं इसको लेकर लगातार बैठकें भी की जा सकती है। हालांकि अगले सप्ताह इस मसले पर एक अहम बैठक होना है। इस बैठक में नए प्रावधानों को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
इन दिनों में बढ़ता है प्रदूषण
दिल्ली और उससे सटे इलाकों में 15 अक्टूबर से लेकर 15 मार्च के बीच वायु प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकारें लगातार सख्त कदम उठा रही हैं। इसी कड़ी में अब ग्रैप लागू किया जा रहा है।
हालांकि, इन दिनों वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक श्रेणी में बना हुआ है। इसकी वजह मानसून का देरी तक चलना भी माना जा रहा है।
वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सदस्य सचिव डॉ. प्रशांत गार्गव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान 15 अक्तूबर से ग्रेप नियमों को लागू करने का सुझाव दिया गया।
मौसम विभाग के डॉ. वीके सोनी के मुताबिक, अगले दो दिनों में दक्षिण-पूर्व की ओर से हवाएं चलेंगी। ऐसे में अगले पांच दिन तक वायु गुणवत्ता का स्तर संतोषजनक श्रेणी में रहने की संभावना बनी हुई है।
दरअसल राजधानी दिल्ली में अब तक मानसून विदा नहीं हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 और 18 अक्टूबर को भी दिल्ली के कई इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में कहा जा रहा है कि इसका असर 20 अक्टूबर तक देखने को मिलेगा, यानी वायु की गुणवत्ता का स्तर संतोषजनक रहने के आसार हैं।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए बोर्ड ने दिए ये सुझाव
- होटल और ढाबों में कोयले व लकड़ी का उपयोग बंद करें
- खुले स्थान पर कचरा जलाने पर रोक
- बस और मेट्रो के फेरे बढ़ाए जाएं, ताकि निजी वाहन कम चलें
- दिल्ली-एनसीआर में ईट भट्ठों पर पूरी तरह से प्रतिबंध
- उद्योगों और बिजली संयंत्रों में प्रदूषण नियंत्रण मानकों का सख्ती से पालन
- PUC मानदंडों का सख्ती से पालन
- प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को जब्त कर भारी जुर्माना लगाना
- सड़क किनारे धूल पर पानी का छिड़काव करना जैसे सुझाव हैं जिनका ग्रेप में पालन किया जाना है।