Delhi Air Pollution राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार जितने वैकल्पिक माध्यम हो सकते हैं, उन सब पर फोकस कर, इसी कड़ी में सोमवार को रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान की शुरुआत की गई है
नई दिल्ली। राजधानी में सोमवार 18 अक्टूबर से प्रदूषण के खिलाफ ( Delhi Air Pollution ) दिल्ली सरकार ( Delhi Government ) का 'रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ' अभियान शुरू हो गया है। इस दौरान लोगों से अनुरोध किया जाएगा कि लाल बत्ती होने पर लोग अपने वाहन बंद करना शुरू कर दें। जिससे वायु प्रदूषण में करीब 15-20 फीसद की कमी आएगी।
राजधानी में वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि पिछले तीन दिनों में पड़ोसी राज्यों जैसे पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में तेजी से पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 284 पर पहुंच गया है।
अभियान के तहत इसके तहत दिल्ली के 100 चौराहों पर 2500 वालंटियर तैनात होंगे। इसमें से 90 चौराहों पर 10-10 और 10 प्रमुख चौराहों पर 20-20 पर्यावरण मार्शल तैनात होंगे।
सभी चौराहों पर सिविल डिफेंस कर्मी हाथों में प्लेकॉर्ड लेकर रेड लाइट पर लोगों से गाड़ी के इंजन को बंद करने की अपील करेंगे।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने है कि ऑड-ईवन अंतिम हथियार है। अभी सरकार का ध्यान दिल्ली के अंदर प्रदूषण को कम करने के जितने वैकल्पिक माध्यम हो सकते हैं, उन सब पर फोकस करना है।
इसके बाद विशेषज्ञों से राय लेकर निर्णय लिए जाएंगे। राय की मानें तो पिछले तीन दिनों में पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा में तेजी से पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसके चलते दिल्ली का एक्यूआई स्तर 284 पर पहुंच गया है।
जबकि नासा के मुताबिक, 13 अक्टूबर को पराली जलने की संख्या कम थी, जिसकी वजह से उस दिन एक्यूआई का स्तर 171 था।
उन्होंने बताया केंद्र सरकार ने पंजाब को लगभग 250 करोड़ रुपये पराली के समाधान के लिए दिए हैं। इससे 50 लाख एकड़ क्षेत्र में बायो डी कंपोजर का निशुल्क छिड़काव किया जा सकता है।
दिल्ली में धूल विरोधी अभियान के तहत करीब 70 फीसदी लोग नियमों को पालन कर रहे हैं, बाकि के 30 फीसदी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।